1. अजय देवगन
यूट्यूब पर ट्रेलर देख लो फिर से. फिर नीचे के कमेंट पढ़ लो. आधे लोग तो अजय देवगन की एंट्री से ही लहालोट हुए जा रहे हैं. अजय देवगन-रोहित शेट्टी इंडस्ट्री की लक्की जोड़ी है. ज्यादातर हिट ही देती है. पिछले साल आई गोलमाल सीरीज की चौथी टुच्ची फिल्म भी 200 करोड़ कमा गई थी. इसमें तो रणवीर भी हैं.

कहानी शुरू इन्हीं से होती है.
2. सारा अली खान
नवाबी खानदान और सैफ की बिटिया सारा. पैदाइशी सेलिब्रिटी तैमूर की बहन सारा. इनकी केदारनाथ पहले रिलीज हो जाएगी लेकिन कमाने में पिछड़ सकती है. लव जिहाद दिखाया है फिल्म में. ऐसा व्हाट्सऐप, ट्विटर और फेसबुक पर खबर उड़ रही है. वो भी भगवान के घर में ऐसा अंधेर किया है. केदारनाथ में आई बाढ़ को भुनाने वाले भी डूबेंगे, ऐसा लगने लगा है. हम कोई नास्त्रेदमस नहीं हैं लेकिन क्या कहें, पापा की लात और जनता के जज्बात से खेलना बुरा होता है. सारा अली खान का असली काम देखने लोग सिंबा की तरफ दौड़ेंगे. इतनी मेगा फिल्म से सारा की शुरुआत हो रही है. उनको आगे अपने बैंक बैलेंस की चिंता भी नहीं करनी पड़ेगी.

सारा को देखने तो जाएंगे ही.
3. कहानी
सिंबा देखने लोग शर्त लगाने के बाद जाएंगे. अपने दोस्तों की बांह पकड़कर ले जाएंगे. कहेंगे कि- देखो हमने बताई थी, पूरी वही कहानी है न. सच्ची में, ट्रेलर देखकर ही सबको पता चल गया है कि फिल्म क्या है. भालेराव दुस्ट बालक है. पुलिस बनता है ऊपरी इनकम के लिए. खूब मारपीट भी करता है. पैसे कमाने के लिए बदमाश का पालतू भी बन जाता है. इसी बीच किसी से इमोशनल अटैचमेंट होता है. जिससे होता है उसके साथ रेप हो जाता है. वायलेंस की सबसे पावरफुल बात यही है कि दूसरों के साथ हो तो मजा आता है. अपने या अपनों के साथ हो तो कलेजा हलक में आ जाता है. तब भाले भाऊ को लगता है कि गुरू, बहुत गलत आ गए. वहीं से हृदय परिवर्तन हो जाता है और वो रिवर्स मारपीट कर देते हैं बदमाश के खिलाफ. जिसके वो पालतू थे. लोग क्लियर करने जाएंगे कि यही कहानी है. पता तो सब पहले से है. और हां, ये साउथ की फिल्म 'टेंपर' की रीमेक है. जो एनटी रामाराव जूनियर को देख चुके हैं सेम कहानी में, उनको रणवीर कितने पसंद आएंगे ये भी देखना है.

बदमाश
4. आरोपी को सज़ा ए मौत
रेप घिनौना जुर्म है. रेप के आरोपी के साथ क्या करना चाहिए? चौराहे पर खड़े होकर सवाल पूछो. 100 में से 99 लोग कहेंगे गोली मार देनी चाहिए, फांसी चढ़ा देना चाहिए, भीड़ को सौंप देना चाहिए, लिंग काट देना चाहिए. फिर जो बचा हुए एक है, वो कुछ कहेगा ही नहीं. क्योंकि उसकी जान को भी खतरा हो सकता है 99 की भीड़ में. जो फिल्म बहुमत की बात को एकमत करने के लिए बनाई जाती है वो चलती ही है. यहां सबके विचार फिक्स हैं, बस उनको और मांजने के लिए ही कोई फिल्म देखी जाती है, कोई किताब पढ़ी जाती है या कोई ट्वीट शेयर किया जाता है. अगर फिल्म हमसे वही बात कहती है जो हम मानकर बैठे हैं, तो फिल्म अच्छी है. चलेगी.

सज़ा ए मौत
5. ठग्स और जीरो
लोग ठग्स ऑफ हिंदोस्तान के ठगे बैठे हैं. सीधे कहो तो भरे बैठे हैं. डेढ़ सौ करोड़ कमाकर फिल्म पिट गई है. 2.0 इतनी भाषाओं में है कि हिंदी वालों को एक्सक्लुसिवनेस की कमी खल रही है. वो चाहे पांच हजार करोड़ कमा ले, रहेगी साउथ की फिल्म ही. 21 दिसंबर को जीरो आने वाली है. जिसको देखने सिर्फ शाहरुख खान के फैन्स जाएंगे. जीरो का एक जीरो निकलकर सिंबा के कलेक्शन में लग जाएगा. क्या कहते हो?

टेल मीं समथिंग न्यू
6. कारों की एक्टिंग
रोहित शेट्टी ने इस फिल्म में कारों से एक्टिंग नहीं करवाई है. ट्रेलर देखकर तो ऐसा ही लगता है. शायद उन्हें किसी ने कान में ये बता दिया है कि कार है बेकार, मार, प्यार और कहानी पर जोर दो. जनता की नब्ज पकड़ो. जो देखकर वो प्रफुल्लित हो जाए और खटिया पर उछल पड़े वो फिल्म बनाओ. तो उन्होंने कारों से दूरी बनाई है और अब पब्लिक को पसंद आने वाली फिल्में बना रहे हैं. (पसंद आने वाली चीज अच्छी भी हो, इसकी गारंटी हम नहीं लेते)

कारें छोड़ी हैं, बाइक नहीं.
7. वेडिंग गिफ्ट
रणवीर ने फुल स्पीड में जो फैन फॉलोविंग खड़ी की है उसके लिए बड़े बड़े स्टार तरसते हैं. अब नई नई शादी हुई है लड़के की. वो सब फैन लोग उतावले होंगे अपने हीरो को वेडिंग गिफ्ट देने के लिए. फिल्म फाड़ के निकलेगी देखना. और फिर बोनस में मूंछें भी तो मिल रही हैं.

भैया गृहस्थी के लिए कमाने भी लग गए हैं
अच्छा इतना जान लिया है तो ट्रेलर भी देख लो.




















