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सिक्किम बाढ़ में अब तक 14 की मौत, 23 में से एक आर्मी जवान मिला, इसरो के फोटो में दिखी तबाही

Sikkim में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ में अब तक कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 102 लोग लापता हो गए.

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सिक्किम में अचानक आई बाढ़ में 10 लोगों की मौत (PTI)

सिक्किम (Sikkim) में बादल फटने (Sikkim cloud burst) के बाद अचानक आई बाढ़ में अब तक कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 102 लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें सेना के 22 जवान भी शामिल हैं. न्यूज एजेंसी ANI ने ये जानकारी दी है. लापता लोगों की तलाश में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. 4 अक्टूबर को राज्य के उत्तरी इलाके में स्थित लहोनक झील पर बादल फटा था, जिसकी वजह से झील से बहुत ज्यादा पानी बह गया. और इससे तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ (Flash flood) आ गई. नदी से लगे इलाके में ही आर्मी कैंप था, जो बाढ़ की चपेट में आने के बाद बह गया और यहां खड़ी 41 गाड़ियां डूब गईं.

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PTI की रिपोर्ट के मुताबिक मरने वाले सभी लोगों की पहचान वहां आम नागरिकों के रूप में की गई है, जिनमें से 3 लोगों की मौत उत्तरी बंगाल में हुई है. अधिकारियों के मुताबिक अचानक आई बाढ़ के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से आए 3,000 से अधिक पर्यटकों के सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में फंसे होने की खबर है. एक अन्य अधिकारी के मुताबिक अब तक 166 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें एक सेना का जवान भी शामिल है. राज्य सरकार ने बेघर हुए लोगों के लिए सिंगतम, रंगपो, डिक्चू और आदर्श गांव में 18 राहत शिविर स्थापित किए हैं. शिक्षा विभाग ने एक सर्कुलर में कहा कि मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिलों में स्थित सभी स्कूल आठ अक्टूबर तक बंद रहेंगे. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने आशंका जाहिर की है कि झील के फटने  के पीछे कारण नेपाल में आया भूकंप हो सकता है.

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ये भी पढ़ें: सिक्किम में सुबह-सुबह फटा बादल, आई भयंकर बाढ़, सेना के 23 जवान लापता

ISRO ने जारी की तस्वीर

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं. जिसके जरिए इस त्रासदी को समझाने की कोशिश की गई है. इसरो ने 17 सितंबर और 28 सितंबर को ली गई तस्वीरों में बुलेट शेप झील का एरिया पहले 162.7 हेक्टेयर और बाद में 167.4 हेक्टेयर दिखाई देता है. जबकि 4 अक्टूबर की सुबह ली गई तस्वीर में झील का आधा से ज्यादा हिस्सा गायब नजर आ रहा है. अनुमानित तौर पर इसमें सिर्फ 60.3 हेक्टेयर पानी रह गया है. लगभग 105 हेक्टेयर जमीन का पानी बह गया.

झील का आधा हिस्सा गायब (ISRO)

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बातचीत की. पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर लिखा,

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‘’सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर स्थिति का जायजा लिया. चुनौती से निपटने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. मैं सभी प्रभावितों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं.''

सिक्किम में भारी बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग के बारिश के आंकड़ों से पता चलता है कि 3 और 4 अक्टूबर की सुबह 8 बजे के बीच सिक्किम में लगभग 41 मिमी बारिश हुई. जो कि इस समय होने वाली सामान्य बारिश से लगभग पांच गुना अधिक थी. दरअसल, 24 घंटों के दौरान दक्षिण सिक्किम में सामान्य से 33 गुना ज्यादा बारिश हुई, जबकि पूर्वी सिक्किम में 15 गुना ज्यादा बारिश हुई. IMD ने 6 अक्टूबर तक और अधिक बारिश की भविष्यवाणी की है.

बताते चलें कि 3 और 4 अक्टूबर की दरम्यानी रात बादल फटने की बात सामने आई है. जिसके बाद लाचेन घाटी से गुजरने वाली तीस्ता नदी में भयंकर बाढ़ आ गई. जिस वजह से मंगन, गंगटोक, पाक्योंग और नामची जिले में काफी तबाही मची. 

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