महाराष्ट्र में स्कूली पाठ्यक्रम में मनुस्मृति के श्लोक जोड़े जाने के प्रस्ताव के खिलाफ जमकर विरोध हो रहा है. 29 मई को महाड में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेताओं ने इस प्रस्ताव के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में NCP (SP) के विधायक जितेंद्र आव्हाड भी शामिल थे. लेकिन उनसे एक गलती हो गई, जिसके कारण उन्हें माफी तक मांगनी पड़ गई. प्रदर्शन के दौरान उन्होंने गलती से डॉ भीम राव आंबेडकर की तस्वीर फाड़ दी. इसके बाद आव्हाड के खिलाफ भी कई जगहों पर प्रदर्शन शुरू हो गए. आव्हाड ठाणे की मुंब्रा-कलवा सीट से विधायक हैं.
शरद पवार की पार्टी के MLA ने आंबेडकर का पोस्टर फाड़ दिया, तस्वीर सामने आई तो सफाई दी
महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम में मनुस्मृति के श्लोकों को भी शामिल करने का फैसला किया है. इसके खिलाफ राज्य भर में प्रदर्शन हो रहे हैं. महाड में ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान विधायक से गलती हो गई.
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इंडिया टुडे से जुड़े मुस्तफा शेख की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों को “भारतीय मूल्यों से परिचित कराने” के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में भगवत गीता का एक हिस्सा शामिल करने का निर्णय लिया है. ये नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत किया जा रहा है. यही नहीं, सरकार ने मनुस्मृति के श्लोकों को भी शामिल करने का फैसला किया है.
इस फैसले के बाद से राज्य सरकार के खिलाफ कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और संभाजी ब्रिगेड ने स्कूलों में मनुस्मृति पढ़ाए जाने का विरोध किया है.
29 मई के दिन जितेंद्र आव्हाड रायगढ़ के महाड पहुंचे थे. वहां सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मनुस्मृति की प्रतियां जलाई. जमकर नारेबाजी भी की गई. आव्हाड ने सरकार से ये फैसला वापस लेने की मांग की. इसी दौरान गलती से आव्हाड ने बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर फाड़ दी.
रिपोर्ट के अनुसार, आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने का मामला सामने आया तो जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन शुरू हो गए. एनसीपी (अजित पवार गुट) के विधान परिषद सदस्य (MLC) अमोल मिटकरी ने डॉ. आंबेडकर की तस्वीर फाड़ने के लिए आव्हाड की निंदा की. अजित पवार गुट ने ठाणे में आव्हाड का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.
मामला बढ़ा तो विधायक ने जनता से माफी मांगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए जितेंद्र आव्हाड ने कहा,
“कुछ कार्यकर्ता मनुस्मृति को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने का विरोध करने के लिए पोस्टर लेकर आए थे. उन पर बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर भी थी.”
आव्हाड ने आगे कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर वाला ये पोस्टर उनसे अनजाने में फट गया. उन्होंने कहा कि वो इसके लिए जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं.
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