युवी की मम्मी बोली हैं, हमारा पर्ल वालों से कोई लेना-देना नहीं
लोगों को प्लॉट बेचते थे, फिर कहते इसे डेवलप करके दुगना कमा लो.
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फोटो - thelallantop
एक हुए हैं, निर्मल सिंह भंगू,पर्ल ग्रुप के चेयरमैन. फंस गए हैं 45 हजार करोड़ के घोटाले में. लोगों को प्लॉट बेचते थे, फिर कहते इसे डेवलप करके दुगना कमा लो. ऐसा तिड़िम भिड़ाकर एक ही प्लॉट कई लोगों को बेच दिया. लेकिन अब ईडी और सीबीआई ने उचेर डाली है, जांच कर-कर के. भंगू के साथ चार और पर्ल वालों से फुरा-जमोखी चल रही है. इधर पता क्या चला है कि हीरो- हिरोइन से, नेता-नपाड़ी और खिलाड़ी लोग से भी इनके कॉन्टेक्ट्स थे. आईपीएल-4 में इनने पैसे लगाए. फाइट लीग और गोल्फ प्रीमियर लीग में पैसे लगाए थे. जो बच गया वो पैसा कबड्डी लीग में भी लगाया. अब फंसे हैं तो हर एंगल से जांच हो रही है. जांच में नाम आया युवराज सिंह और हरभजन सिंह का. ब्रेट ली का भी आया है. ऑस्ट्रेलिया में फैलने के लिए और होटल का धंधा चमकाने को ब्रेट ली को ब्रांड एम्बेसडर बनाए थे. युवराज सिंह और हरभजन सिंह के बारे में कहा गया कि उनको गिफ्ट में मोहाली में प्लॉट मिले हैं. लेकिन युवराज की मम्मी ने साफ मना कर दिया है. कहा कि 2011 का वर्ल्डकप जीतने के बाद जीतने वाली टीम का हिस्सा होने के चलते हमको भी प्लॉट देने को कहा तो था. लेकिन प्लॉट तो आज तक हमको नहीं मिला. बाकी पर्ल वालों से हमारा कोई वास्ता नहीं है.
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