सऊदी अरब पर ईरान समर्थित यमन के हूती ग्रुप का हमला जारी है. 15 सितंबर को सऊदी अरब सरकार ने इन हमलों को देखते हुए पवित्र शहर मक्का, जेद्दाह और ताइफ़ जैसे शहरों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया. एक दिन पहले, हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के एयर बेस और शहरों पर मिसाइलें दागीं थीं.
पवित्र शहर मक्का पर हमले का खतरा, हूती के डर से सऊदी अरब ने 6 शहरों में अलर्ट जारी किया
Saudi Arabia vs Houthi: सऊदी अरब सरकार ने 6 शहरों के लिए 15 सितंबर को अलर्ट जारी किया, जिसमें पवित्र शहर मक्का भी शामिल है. अलर्ट जारी होने के एक दिन पहले हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे.

रिकॉर्ड के मुताबिक हाल के इतिहास में यह पहली बार है जब मक्का के लिए हवाई हमले के खतरे का इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है. मक्का इस्लाम के दो सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है. मक्का में ही इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल काबा स्थित है. दूसरा पाक शहर सऊदी अरब में ही मदीना है.
सरकार ने क्या वॉर्निंग दी?सऊदी अरब के 'जनरल डायरेक्टरेट ऑफ़ सऊदी सिविल डिफेंस' ने भारतीय समयानुसार 15 सितंबर को दोपहर 2:48 बजे (IST) मक्का सिटी के लिए अलर्ट जारी किया. लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने और सुरक्षा से जुड़े आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा गया. सरकार ने लोगों को अलर्ट किया कि खुली जगहों, कांच, बालकनी या छत से दूर रहें. बाहर हों तो नजदीक की इमारत में घुस जाएं या मजबूत चीजों की आड़ लेकर छिप जाएं.

अलर्ट के करीब तीन घंटे बाद सरकार ने एक और पोस्ट किया. बताया गया कि मक्का शहर में खतरा टल गया है. अपनी सुरक्षा के लिए, सिविल डिफेंस के निर्देशों का पालन करते रहें और भीड़ लगाने या वीडियो बनाने से बचें. आपातकालीन स्थिति में (911) पर कॉल करें. मक्का, मदीना, रियाद और ईस्टर्न प्रोविंस को छोड़कर सऊदी अरब की बाकी इलाकों के लिए 998 पर कॉल करने के लिए कहा गया.
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सऊदी अरब-हूती कॉन्फ्लिक्टये अलर्ट तब जारी किया गया जब इजरायली अखबार हायोम ने बताया कि हूतियों ने सऊदी अरब के वेस्टर्न कोस्ट यानी पश्चिमी तट पर हमला किया है. मक्का शहर सऊदी अरब के पश्चिमी तट पर, रेड सी से लगभग 70 किलोमीटर अंदर की तरफ मौजूद है. 15 सितंबर को सऊदी अरब ने एक के बाद एक कम से कम छह बड़े शहरों के लिए अलर्ट जारी किया.
अलर्ट जारी होने के एक दिन पहले हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर कई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. जिसमें 13 लोग घायल हुए थे. हूतियों ने पिछले हफ़्ते दावा किया कि उन्होंने रणनीतिक रूप से बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट पर कंट्रोल पाने के लिए यमन के पश्चिमी तट पर कब्ज़ा कर लिया है.
हूती लड़ाकों ने मायून द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया है, जो बाब-अल-मंडेब के बीचों-बीच स्थित है. मायुन पर कब्ज़े के साथ, हूती अब अफ्रीकी देश जिबूती में अमेरिकी सेना के मुख्य बेस, कैंप लेमोनियर से 130 किलोमीटर से भी कम दूरी पर हैं. इसके अलावा, हूती ने यमन के मुखा पोर्ट और बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट के पास पेरिम द्वीप पर भी कब्जा जमा लिया.
सऊदी अरब पर इराक की तरफ से भी खतरा बढ़ा है. हाल ही में इराक स्थित मिलिशिया ने सऊदी की बेहद अहम ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को निशाना बनाया. ड्रोन हमलों के खतरे के चलते सऊदी को ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बंद करना पड़ा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद तेल सप्लाई करने के लिए ये पाइपलाइन ही सऊदी के लिए बड़ा जरिया थी.
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