यूरोप के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट में उठा धुआं, यूक्रेन का दावा- हो सकता है Chernobyl से 10 गुना बड़ा हादसा (फोटो: इंडिया टुडे/AP)
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का आज 9वां दिन है. अब यहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. हालांकि, दोनों ही तरफ से भारी जान-माल का नुकसान हो रहा है. इसी बीच खबर है कि यूक्रेन के जेपोरीजिया प्रांत के एनरहोदर शहर में रूस ने बड़ा हमला किया है. यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि रूस ने जेपोरीजिया (Zaporizhzhia) स्थित यूरोप के सबसे बड़े परमाणु पावर प्लांट पर भी अटैक किया है. इन अधिकारियों के मुताबिक रूसी सैनिक प्लांट पर मोर्टार और आरपीजी से हमला कर रहे हैं. हमले के बाद पावर प्लांट के एक हिस्से में आग भी लग गई है. न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से मिली जानकारी के मुताबिक हमले से प्लांट में लगी आग बुझाने को पहुंचे दमकलकर्मियों पर भी रूसी सैनिकों ने फायरिंग की. एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार इस प्लांट के एक प्रवक्ता एंड्री तुज ने हमले की पुष्टि करते हुए रूस से तुरंत हमला रोकने की अपील की है. एक अन्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि हमले के बाद पता लगाया जा रहा है कि प्लांट से हाई लेबल रेडिएशन तो नहीं हो रहा है.
उधर, यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने भी आग लगने के बाद रूसी सैनिकों से यूरोप के सबसे बड़े परमाणु पावर प्लांट पर हमला बंद करने की अपील की है. कुलेबा ने एक ट्वीट कर कहा,
'अगर जेपोरीजिया का यह पावर प्लांट उड़ा, तो यह चेर्नोबिल से 10 गुना बड़ा ब्लास्ट होगा! रूसियों को तुरंत आग बंद करनी चाहिए.'
रूसी सेना गुरूवार, 3 मार्च से यूक्रेन के दक्षिण-पूर्व में स्थित एनरहोदर शहर पर हमला कर रही है. जेपोरीजिया परमाणु पावर प्लांट एनरहोदर से कुछ ही दूरी पर है. यूक्रेन का जेपोरीजिया परमाणु पावर प्लांट यूरोप का सबसे बड़ा और दुनिया का 9वां सबसे बड़ा परमाणु पावर प्लांट माना जाता है. इसमें कुल 6 रिएक्टर हैं. इस प्लांट का यूक्रेन की बिजली उत्पादन में लगभग 25% का योगदान है.
रूस के निशाने पर हैं यूक्रेनी परमाणु पावर प्लांट
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग में रूस के निशाने पर यूक्रेन के परमाणु पावर प्लांट रहे हैं. इससे पहले 24 फरवरी 2022 को चेर्नोबिल परमाणु प्लांट (Chernobyl Nuclear Plant) पर रूसी सैनिकों ने कब्जा कर लिया था. रूस ने चेर्नोबिल पावर प्लांट को कब्जे में लेने के बाद इसे लेकर अपनी मंशा भी जाहिर की थी. रशियन सिक्योरिटी से जुड़े एक अधिकारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा था,
‘यूक्रेनियन सीमा में घुसने के कुछ घंटे बाद ही हमने चेर्नोबिल प्लांट पर कब्जा कर लिया. रूस चेर्नोबिल प्लांट को अपने नियंत्रण में लेकर NATO को ये संदेश देना चाहता है कि वो इस युद्ध में कोई सैन्य हस्तक्षेप न करे.’
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने चेर्नोबिल प्लांट का जिक्र क्यों किया?
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रूसी सैनिकों से जेपोरिजिया परमाणु प्लांट पर हमला रोकने की अपील करते हुए चेर्नोबिल परमाणु प्लांट में हुई तबाही का जिक्र किया. आपको बता दें, चेर्नोबिल यूक्रेन के उत्तर में स्थित एक कस्बा है. यह बेलारूस की सीमा से लगा हुआ है. चेर्नोबिल कस्बा अपने अतीत में गुलज़ार था, लेकिन आज इसका एक हिस्सा पूरी तरह वीरान है. वजह है चेर्नोबिल टाउन से कुछ किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बना न्यूक्लियर पावर प्लांट. साल 1986 में 26 अप्रैल के दिन इस प्लांट में एक ज़बरदस्त धमाका हुआ था, जिसने चेर्नोबिल के एक बड़े हिस्से को तबाह कर दिया था. उस वक़्त यूक्रेन सोवियत संघ का ही हिस्सा था. बताया जाता है कि धमाके और उसके बाद हुए न्यूक्लियर रेडिएशन में सवा लाख के करीब लोग मारे गए थे.