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ISKP, FSB, पिकनिक बैंड... मॉस्को हमले में जुड़ा सबकुछ जो आपको जानना चाहिए!

Moscow Terrorist Attack: मॉस्को भीषण आतंकी हमला हुआ. हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ख़ुरासान प्रॉविंस (ISKP) ने ली है.

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रूस की राजधानी मॉस्को में हुए आतंकवादी हमले में अबतक 115 लोगों की जान चली गई है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)

22 मार्च 2024 की रात रूस में पिछले दो दशक का सबसे भीषण आतंकी हमला हुआ. मॉस्को के पास क्रॉकस सिटी हॉल में एक कॉन्सर्ट के दौरान आतंकियों ने गोलीबारी की. इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या 115 तक पहुंच गई है. लगभग दो सौ लोग घायल बताए जा रहे हैं. हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ख़ुरासान प्रॉविंस (ISKP) ने ली है. इस घटना के बीच कुछ टर्म्स ट्रेंड में हैं. उनके बारे में एक-एक कर बता देते हैं.

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1. क्रॉकस सिटी हॉल

22 मार्च का आतंकी हमला यहीं पर हुआ. ये राजधानी मॉस्को के पूरब में है. मॉस्को सिटी सेंटर से दूरी लगभग 30 मिनट है. इसकी शुरुआत अक्टूबर 2009 में हुई थी. बनवाने वाले थे, रूसी उद्योगपति अरास अगालारोव. अरास की पैदाइश अज़रबैजान की है.
क्रॉकस सिटी हॉल में 13 हज़ार की क्षमता वाला एक ऑडिटोरियम, साढ़े सात हज़ार की क्षमता वाला कॉन्सर्ट हॉल और साढ़े पांच हज़ार की क्षमता वाला थिएटर है. इसके अलावा, इस कॉम्प्लेक्स में शॉपिंग मॉल और एक होटल भी है. 2013 में मिस यूनिवर्स कॉम्पटीशन का आयोजन इसी कॉम्प्लेक्स में हुआ था. तब कॉम्पटीशन का मालिकाना हक़ डोनाल्ड ट्रंप के पास हुआ करता था. उन्होंने 2013 के कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया था. जनवरी 2017 में ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बने.

2. पिकनिक बैंड

पिकनिक एक रूसी रॉक बैंड है. शुरुआत 1978 में हुई थी. लेनिनग्राद में.
22 मार्च को क्रॉकस सिटी हॉल में इसी बैंड का प्रोग्राम होने वाला था. 6 हज़ार से अधिक लोगों ने टिकट लिया था. 
पिकनिक बैंड का नाम सात बरस पहले भी ख़ूब चर्चा में था.
2016 में इसने क्रीमिया में कॉन्सर्ट किया था. जिसके बाद यूक्रेन ने अपने यहां इस बैंड को बैन कर दिया था. क्रीमिया 2014 तक यूक्रेन का हिस्सा हुआ करता था. फिर मार्च 2014 में रूस ने सेना भेजकर वहां कब्ज़ा कर लिया. यूक्रेन सरकार और इंटरनैशनल कम्युनिटी इस कब्ज़े को अवैध मानती है.

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3. ISKP

ये इस्लामिक स्टेट फ़ॉर इराक़ एंड सीरिया (ISIS) का एक ब्रांच है. ISIS को दाएश भी कहते हैं. दाएश पूरी दुनिया में इस्लामी ख़िलाफ़त की स्थापना करना चाहता है. शुरुआत में ये इराक़ और सीरिया तक सीमित था. मगर जल्दी ही ये अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में दाखिल हो गया. दरअसल, 2014 में पाक आर्मी ने तहरीके तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ख़िलाफ़ ऑपरेशन शुरू किया. इसमें TTP को ज़बरदस्त नुकसान हुआ. TTP के कई बड़े कमांडर भागकर अफ़ग़ानिस्तान चले गए. उन्होंने नांगरहार और कुनार जैसे इलाकों में शरण ली. उसी में एक कमांडर मुल्ला सईद ओरकज़ई उर्फ़ हाफ़िज़ सईद ख़ान भी था. वो TTP के फ़ाउंडिंग मेंबर्स में से था. अक्टूबर 2014 में उसने TTP छोड़ दिया. इसके बदले उसने दाएश के अबूबक्र अल-बग़दादी को अपना नेता मान लिया. बग़दादी ने जनवरी 2015 में उसको IS की अफ़ग़ानिस्तान ब्रांच की कमान सौंप दी. इस ब्रांच का नाम पड़ा, इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रॉविंस (ISKP). असल में, ख़ुरासान एक प्राचीन इलाके का नाम है. ये सातवीं सदी में इस्लामी ख़िलाफ़त का हिस्सा था. इसका शाब्दिक अर्थ होता है, उगते सूर्य की धरती. मौजूदा समय में ख़ुरासान के कुछ-कुछ हिस्से अफ़ग़ानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ईरान में फैले हुए हैं. इस्लामिक स्टेट उस दौर को लौटाना चाहता है. इसलिए, उसने अफ़ग़ानिस्तान वाले ब्रांच को ख़ुरासान का नाम दिया था.

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4. FSB

फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) रूस की इंटरनल ख़ुफ़िया एजेंसी है. इसकी स्थापना 12 अप्रैल 1995 को हुई थी. इस एजेंसी का मुख्यालय मॉस्को में है. 
FSB सोवियत संघ के दौर की ख़ुफ़िया एजेंसी KGB की उत्तराधिकारी है. पुतिन अपने करियर के शुरुआती दिनों में KGB के लिए ही काम करते थे.
सोवियत संघ के विघटन के बाद KGB को चार एजेंसियों में बांट दिया गया. इनमें FSB सबसे अधिक ताक़तवर है.
इसका काम क्या-क्या है?
- काउंटर-इंटेलीजेंस.
- आंतरिक और सीमा की सुरक्षा.
- आतंकवाद के ख़िलाफ़ अभियान चलाना.
- संदिग्ध लोगों और संगठनों पर नज़र रखना.
- और, गंभीर अपराधों की जांच करना.

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FSB के डायरेक्टर सीधे रूस के राष्ट्रपति को रिपोर्ट करते हैं. उनकी नियुक्ति भी राष्ट्रपति ही करते हैं.

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