रिलायंस ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी ने भारत और दुनिया को भयंकर चुनौती दी है. सभी सोसाइटी, इंडस्ट्री और बिजनेस इससे प्रभावित हुए हैं और रिलायंस कोई अपवाद नहीं है. कहा गया है कि चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी सैलरी नहीं लेंगे. बोर्ड डायरेक्टर, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीनियर अधिकारी अपनी सैलरी का 30-50 तक फीसदी तक नहीं लेंगे.

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की चिट्ठी (फोटो: इंडिया टुडे)
कितनी होगी कटौती
हाइड्रोकार्बन डिवीजन में काम करने वे लोग, जिनकी तनख्वाह 15 लाख रुपये सालाना से कम है, उनकी सैलरी में किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी. 15 लाख सालाना से ज्यादा तनख्वाह पाने वाले कर्मचारी की सैलरी में 10 फीसदी की कटौती की जाएगी. इसके साथ ही पहली तिमाही में मिलने वाला सालाना कैश बोनस और परफॉरमेंस बेस्ड इंसेटिव भी रोक दिए गए हैं.
कंपनी ने कहा-
हम इकोनॉमिक और बिजनेस वातावरण की बारीकी से निगरानी करेंगे. हम लगातार हालात पर नज़र बनाए रखेंगे. अपने बिजनेस की कमाई क्षमता में सुधार करने की कोशिश करेंगे.पीएम मोदी ने अपने लॉकडाउन वाले भाषण में अपील की थी कि संकट के इस दौर में कोई भी कंपनी किसी को नौकरी से न निकाले. मुश्किल वक्त में हम एक-दूसरे का ध्यान रखें.
30 अप्रैल को रिलांयस का शेयर BSE में 2.86 फीसदी बढ़कर 1,467 रुपये पर बंद हुआ. सेंसेक्स 3.05 फीसद की बढ़त के साथ 33,717 अंकों पर बंद हुआ है.
विडियो- फेसबुक और रिलायंस जियो की डील से किसको क्या फायदा होगा?














