मेरा प्यारा दोस्त इरफान. तुम लड़े और लड़े और लड़े. मुझे तुम पर हमेशा गर्व रहेगा. हम दोबारा मिलेंगे. सुतापा और बाबिल को मेरी संवेदनाएं. तुमने भी लड़ाई लड़ी. सुतापा इस लड़ाई में जो तुम दे सकती थीं तुमने सब दिया. ओम शांति. इरफान खान को सलाम.
अभी इरफान खान के निधन की ख़बर मिली. ये सबसे ज़्यादा व्यथित करने वाली और दु:खद ख़बर है. एक अतुलनीय टैलेंट. एक अच्छे सहयोगी, वर्ल्ड सिनेमा में बेहतरीन योगदान करने वाले...हमें बहुत जल्दी छोड़कर चले गए. एक बड़ा सूनापन पीछे छोड़ते हुए. प्रार्थना और दुआ.
मेरे दोस्त, प्रेरणा और हमारे समय के महान अभिनेता. अल्लाह आपकी आत्मा को शांति दें इरफान भाई. आपको बहुत मिस करेंगे, साथ ही उतना ही खुश भी होंगे कि आप हमारे जीवन का हिस्सा थे. पैमाना कहे है कोई, मैखाना कहे है दुनिया तेरी आंखों को भी, क्या-क्या ना कहे है. लव यू.
फिल्म इंडस्ट्री, उनके फैंस और खासकर उनके परिवार के लिए बड़ा नुकसान. मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं. उन्हें ईश्वर शक्ति दे. भाई, तुम्हारी आत्मा को शांति मिले. आपकी कमी हमेशा खलेगी और हमारे दिलों में आप हमेशा रहेंगे.
प्रिय इरफ़ान के बारे में सुनकर बहुत दु:खी हूं. दर्दनाक और गमगीन करने वाला. कितना बेहतरीन टैलेंट. उनके परिवार और दोस्तों के लिए मेरी दिल से संवेदनाएं. धन्यवाद इरफ़ान, हमारे जीवन में अपने काम से खुशियां लाने के लिए. आपको प्रेम से याद रखा जाएगा. आपको प्यार.
बहुत बुरी ख़बर...इरफान खान के निधन के बारे में सुनकर दु:खी हूं. हमारे दौर के सबसे उम्दा अभिनेताओं में से एक. इस कठिन समय में ईश्वर उनके परिवार को ताकत दे.
समय से पहले इरफान के निधन की ख़बर सुनकर दिल टूट गया. ये भारतीय सिनेमा का ऐसा नुकसान है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती. उनकी पत्नी और बच्चों के लिए संवेदनाएं. RIP इरफान.संजय मिश्रा ने इरफान की फोटो शेयर करते हुए लिखा,
मैं दूर से उस अस्पताल को देख रहा हूं, जिसमें कल तक तुम थे, इतनी सारी खिड़कियां हैं. पता नहीं कौन सी खिड़की से तुम निकल गए. इस सफर में बहुत कुछ दिया तुमने, आगे सफर में भी बहुत कुछ पाने की उम्मीद हैं तुमसे , फिर मिलेंगे, इरफान भाई. आज भी याद है तुम्हारी मारूति 800 पर हमारी पहली ड्राइव और तुमने मुझसे गाने को कहा, आज वो गाना सही याद आया. नफरत की दुनिया को छोड़ के, प्यार की दुनिया में. खुश रहना मेरे यार.
कभी-कभी भावनाओं को बता पाना सम्भव नही होता. वही हो रहा है इरफ़ान दा.
हमारा इरफान चला गया. ऐक्टर (मेरे लिए को-राइटर), मानवतावादी, सेक्युलर और स्पिरिचुअल. खूबसूरती, मायने और सृष्टि से संबंध को खोजता इंसान. वो भयंकर ईमानदार और दयालु था. और वो मुस्कान. मैं उस मुस्कान को कितना मिस करूंगा.
इरफान, मेरी आपसे एक-दो बार के अलावा बातचीत नहीं हुई लेकिन मेरी आंखों में आंसू हैं, जब मैं ये लिख रहा हूं. आप दुर्लभ इंसान थे. मैं आपको मिस करूंगा. शुक्रिया आपका, बताने के लिए ऑथेंटिक होना क्या होता है. RIP.
अभी तो टाइम आया था तेरा मेरे भाई. अभी तो कितना काम करता तू जो इतिहास में लिखा जाता. क्या यार? थोड़ी ताक़त और लगाता भाई. पर लगाई तो होगी ही तूने सारी. ठीक है, जा. आराम कर. दो साल बहुत लड़ा तू. थक भी गया होगा. एक बार बैठना चाहिए था हम सारों को, दारू पीते. पर बैठते नहीं हम.
जानकर बहुत दु:खी हूं कि इरफान खान का सुबह निधन हो गया. बहुत जल्दी चले गए. कितने शक्तिशाली अभिनेता और कितनी बहादुरी से उन्होंने कैंसर से लड़ाई लड़ी. ये बहुत बड़ा नुकसान है. ना सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए. RIP.
निराश हूं. मैं स्वीकार नहीं कर सकती कि वो चले गए हैं. आप अपने काम, अपनी विरासत की वजह से ज़िंदा हैं. आप एक अच्छे इंसान थे. आशा है सर, आप और अच्छी जगह पर होंगे. सुतापा मैम के लिए संवेदनाएं. सच में दिल टूट गया.
इरफान खान के जाने के बारे में सुनकर दु:खी हूं. परिवार के लिए मेरी संवेदनाएं. आपको इस समय शक्ति मिले. रेस्ट इन पीस.डायरेक्टर महेश भट्ट ने उनके साथ फोटो शेयर करते हुए कहा,
मैंने दिल से कहा, ढूंढ लाना खुशी, नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही. मुझे याद है उनका हाथ पकड़कर ये गाना गा रहा था जब उनकी बीमारी का पता चला. आपकी मुस्कान लंबे समय तक टिकी रहेगी. अलविदा दोस्त.
प्रथा, हासिल जैसी शुरुआती फ़िल्मों से आज तक भारतीय सिनेमा के प्रातिभ ग्लोबल अभिनेता,मेरे दोस्त इरफ़ान का यूं जाना तोड़ गया, “रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई, तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई! इक बार तो ख़ुद मौत भी घबरा गई होगी, यूं मौत को सीने से लगाता नहीं कोई!जॉन अब्राहम ने इरफान की फोटो शेयर करते हुए कहा,
आप मिस किए जाएंगे. RIP इरफान खान.
मैं विश्वास नहीं कर पा रहा हूं कि इरफान नहीं रहे. इंडस्ट्री ने एक महान ऐक्टर खो दिया और मैंने एक प्यारा दोस्त. RIP इरफान. ख़ुदा हाफिज.मां का हुआ था देहांत 25 अप्रैल को इरफान की मां सईदा बेगम का जयपुर में देहांत हो गया था. वो 95 साल की थीं. मौत की वजह उम्र संबंधी दिक्कतें बताई जा रही थीं. इरफान देशभर में लगे लॉकडाउन की वजह से अपनी मां के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए. अंग्रेज़ी मीडियम हाल ही में ऑनलाइन रिलीज़ हुई 2018 में इरफान को न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर डायग्नोज़ हुआ था. एक साल तक लंदन में इलाज कराने के बाद वो फरवरी, 2019 में इंडिया लौटे थे. लौटते ही वो अपनी फिल्म ‘अंग्रेज़ी मीडियम’ की शूटिंग में लग गए. हालांकि फिल्म जब ऑनलाइन रिलीज़ होने को आई, तो इरफान ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वो इस फिल्म के प्रमोशन में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. क्योंकि वो पूरी तरह से रोगमुक्त नहीं हुए हैं.
इरफ़ान से डायरेक्टर ने कहा, "तुम टीवी के ऐक्टर फिल्म कैसे करोगे?"











