The Lallantop

अखिलेश को सपा विधायक ने दिया झटका, इस बार मामला रेप का है

अखिलेश की सारी कोशिशों पर उनके लोग ही पानी फेर रहे हैं.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
अखिलेश यादव अपने परिवार से ही जंग लड़ रहे हैं. मुलायम और शिवपाल के बोल-वचन सुन रहे हैं. रो पड़ते हैं कहते हुए कि जनता काम के बारे में पूछेगी तो क्या जवाब दूंगा. बहुत दिन से ये बात चल रही है कि अखिलेश पार्टी की गुंडई वाली इमेज सुधारना चाहते हैं. यूपी के पंछी कहते हैं कि अखिलेश ये सारी लड़ाई अपने विधायकों के दम पर लड़ रहे हैं. सपा के ज्यादातर विधायक अखिलेश के साथ ही हैं. पर अंबेडकरनगर जिले के आलापुर विधानसभा के सपा विधायक भीम प्रसाद सोनकर अलग ही रौ में हैं. उनको इससे कोई मतलब नहीं. उन पर रेप का आरोप लगा है. और ये आरोप लगाया है उनके ही भाई विश्वास सोनकर की विधवा ने.

उनका कहना है कि 18/19 जुलाई की रात को विधायक ने कमरे में बुलाया. कोल्ड ड्रिंक में नशीली चीज मिला के पिला दी. जब आंख खुली थी तो वो बिस्तर पर नंगी पड़ी थीं. और विधायक जी बगल में सोये हुए थे. इन्होंने रोना शुरू किया पर इस आदमी पर कोई असर नहीं पड़ा. विश्वास इस विधायक का छोटा भाई था. पर ये आदमी यहीं तक नहीं रुका. जब वो औरत 20 जुलाई को थाने में गई तो पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया. बहुत दौड़ने के बाद जब अदालत तक बात पहुंची है तो वहां से आदेश आया है कि केस दर्ज कर लिया जाये.

अखिलेश यादव हमेशा औरतों की बात करते हैं. जब भी यूपी में औरतों की बुरी स्थिति की बात होती है तो अखिलेश तुरंत कहने लगते हैं कि हमने तो पुलिस के नये नंबर निकाले हैं हेल्प के लिए. नवनीत सिकेरा को खड़ा कर देते हैं. कमान संभालने के लिए. कहते हैं कि तुरंत एक्शन होता है. पर अखिलेश अपने घर में ही इतना मशगूल हैं कि विधायकों के अपराध नहीं दिखते. अब कोई भी मुख्यमंत्री बने, औरत तो सुरक्षित नहीं ही है. अपने ही घर में. कभी-कभी लगता है कि सपा के लिये ये चीजें नई नहीं हैं. अभी पार्टी में चल रही बहस के दौरान अमर सिंह ने रामगोपाल को नपुंसक कह दिया. अब इसका क्या मतलब है? मर्दानगी दिखाना क्या होता है? इससे पहले समाजवादी पार्टी के बनने के कुछ समय बाद ही मायावती को मारने के लिए घेर लिया गया था 1994-95 में. खुद माया उस चीज को आज तक नहीं भूल पाई हैं. ये भी माना जाता है कि मुलायम राजनीति में औरतों को बर्दाश्त नहीं कर पाते. हालांकि औरतों को लेकर उनके विचार भी कुछ अलग ही हैं.

इन्हीं का फेमस बयान था- लड़कों से गलती हो जाती है.

कैरावन मैगजीन में नेहा दीक्षित ने अखिलेश यादव पर आर्टिकल लिखा था. इसके लिए ये हर जगह घूमी थीं. इस दौरान अखिलेश के नेताओं और अफसरों से बात भी की. नेहा ने लिखा है कि इन लोगों के अंट-शंट मैसेज भी आ जाते थे. जब अखिलेश को इस चीज के बारे में पता चला था तो बड़े शर्मिंदा हुये थे. और तुरंत नेहा से मिलकर इंटरव्यू दिये. पर इससे ये पता नहीं चलता कि अखिलेश औरतों की सुरक्षा को लेकर कितने चिंतित हैं. पता तो तब चलेगा जब विधायक पर कार्रवाई होगी. अब कोई कह सकता है कि अपराध सिद्ध तो हुआ नहीं है. पर ये भी तो हुआ है कि उस औरत को थाने में केस नहीं करने दिया गया है जो कि किसी नागरिक का अधिकार है. अब विधायक जी की महानता के वशीभूत होकर पुलिस ऐसा कर रही हो तो अलग बात है. देखना ये है कि कोर्ट के आदेश के बाद क्या एक्शन होता है.

ये भी पढ़ लो, सपा की पूरी कहानी शीशी में उतार लोगे

शिवपाल सिंह यादव की पूरी कहानी

मुलायम ने गले मिलवाया, लेकिन फिर झगड़ पड़े अखिलेश-शिवपाल

मुलायम के सामने शिवपाल ने अखिलेश को झपिलाया, आज निकाली सारी भड़ास

नेताजी आपकी पार्टी है, पर मेरा भी तो करियर है: रोते हुए बोले अखिलेश यादव

सपा का नया ड्रामा रिलीज़, चाचा शिवपाल समेत तीन मंत्री कैबिनेट से बाहर

मुझे आर्यावर्त को चमारावर्त में बदलना है: कांशीराम

आज से 37 साल पहले मायावती पर की गई थी पहली भद्दी टिप्पणी

'एक वेश्या से भी बदतर चरित्र की आज मायावती हो गई हैं'

जीरो-हीरो-जीरो. क्या फिर हीरो बनेंगी मायावती

Advertisement
Advertisement