बाएं से दाएं-गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी और रघु शर्मा. तीनों ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है.
राजस्थान में तीन मंत्रियों गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी और रघु शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया है. मंत्रियों के इस्तीफे से पहले 9 पद खाली थे. अब 12 मंत्री पद खाली हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार, 21 नवंबर को शाम 4 बजे राजस्थान मंत्रिमंडल का विस्कार होगा. राजभवन को शपथग्रहण की औपचारिक सूचना दे दी गई है. राजभवन में तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. स्वास्थ्य मंत्री मंत्री डॉ. रघु शर्मा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा था. गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा,
एक पद एक व्यक्ति' की पार्टी परंपरा और अनुशासन का ख्याल रखते हैं हमलोगों ने इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिया है.
वहीं राजस्थान के प्रदेश प्रभारी अजय माकन का कहना है कि तीनों मंत्री संगठन में काम करना चाहते हैं. इससे पहले गोविंद सिंह डोटासरा ने इन अटकलों को खारिज कर दिया था कि उन्होंने नाराजगी में इस्तीफा दिया है. डोटोटासरा ने कहा था कि वे नाराज नहीं हैं. उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ करने के लिए इस्तीफा दिया है. डोटासरा ने गुटबाजी को भी खारिज कर दिया था. उन्होंने साफ किया था जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियां भी की जाएंगी. उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से अब सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे. हमारा फोकस अब 2023 में कांग्रेस की सरकार को फिर से बनाना है. आगे हम संगठन का विस्तार करेंगे. सत्ता और संगठन में समन्वय से काम करते हुए योजनाओं का जनता तक लाभ पहुंचाने के लिए काम करेंगे. कहा जा रहा है कि इन तीनों मंत्रियों के अलावा कुछ और मंत्रियों के भी इस्तीफे हो सकते हैं. हालांकि जयपुर में राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा,
जो भी संगठन के लिए काम करना चाहता था, उसने आगे आकर अपना इस्तीफा दे दिया. कोई और मंत्री इस्तीफा नहीं देने जा रहा है. अगर वे चाहते तो आगे आते, अब तक.
कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में पायलट खेमे के 4 से 5 लोगों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है. वहीं राजनीतिक नियुक्तियों में भी उनके लोग शामिल हो सकते हैं. हालांकि सचिन पायलट के दोबारा मंत्रिमंडल में आने की संभावना कम है. माना जा रहा है कि फेरबदल में क्षेत्रीय व जातीय संतुलन बनाने के साथ पायलट समर्थकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि जिस काम के लिए अजय माकन जी आए हैं वो काम भी करना है पता नहीं क्या फैसले होंगे. या तो हाईकमांड जानते हैं या ये जानते हैं. इंतजार है हम सबको लॉट्री खुलने का.