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राजस्थान: नौकरी ना मिलने पर युवक ने की आत्महत्या, खाना-पीना छोड़ दिया था!

अशोक गहलोत को लिखा युवक का एक कथित सुसाइड लेटर वायरल हो रहा है.

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प्रतीकात्मक फोटो (आजतक)
देश में बेरोजगार युवकों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला राजस्थान के धौलपुर जिले में सामने आया है. यहां सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे एक युवक ने आत्महत्या कर ली. युवक का लिखा एक कथित सुसाइड नोट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हाल फिलहाल में युवक पटवारी की परीक्षा में फेल हुआ था. मामला क्या है? इंडिया टुडे से जुड़े उमेश मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस युवक ने खुदकुशी की उसका नाम नमो नारायण मीणा है. 30 साल का नमो नारायण मीणा धौलपुर में किराए के कमरे पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. रिपोर्ट के अनुसार, 26 जनवरी को उसने आत्महत्या कर ली. यह भी सामने आया है कि युवक के परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए ही उसके शव को गांव ले आए. अंतिम संस्कार भी कर दिया. पुलिस का भी कहना है कि इस मामले में उसे कोई तहरीर नहीं मिली. हालांकि, पुलिस ने अपनी तरफ से ही इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस कथित तौर पर युवक की तरफ से लिए गए सुसाइड लेटर की भी जांच कर रही है. डिप्रेशन में था युवक! मृतक के पिता ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से वो बेटे को कर्ज लेकर पढ़ा रहे थे. उनका बेटा नौकरी ना लगने की वजह से परेशान था. उन्होंने बताया कि दो महीने पहले एनआरएचएम और पटवारी परीक्षा देने के बाद भी युवक की नौकरी नहीं लगी. जिससे वह कई दिनों से तनाव में था. उसके साथ रह रहे दूसरे लड़कों ने उसकी इस हालत की सूचना परिवार को दी थी. परिजनों के मुताबिक, उन्होंने नमो नारायण को समझाया भी था. हालांकि, युवक काफी डिप्रेशन में था और उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया था. जिसके बाद उसने अपनी जिंदगी खत्म करने का कदम उठाया. गहलोत के नाम पत्र? पुलिस ने बताया है कि इस मामले में कथित तौर पर युवक की तरफ से लिखा गया जो सुसाइड लेटर वायरल हो रहा है, वो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को संबोधित है. इस पत्र में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित अन्य पूर्व मंत्रियों कालीचरण सर्राफ और राजेंद्र राठौड़ को दोषी ठहराया गया है. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ये लग रहा है कि सुसाइड लेटर मृतक ने ही लिखा था. नमो नारायण ने आयुर्वेद कंपाउंडर का कोर्स किया था. जिसके बाद से ही वह लगातार सरकारी भर्तियां देख रहा था.

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