राहुल गांधी के करियर में सबसे बड़ी परेशानी नरेंद्र मोदी की मौजूदगी है. अक्सर लोग राहुल और मोदी की तुलना करते हैं. ये तुलना ही राहुल के आड़े आ रही है. बेशक कुछ बातों में मोदी उनसे काफी आगे हैं. मसलन, राजनीति के दांव-पेच और भाषण देने की कला. मगर कुछ बातें ऐसी भी हैं, जहां राहुल गांधी उनसे आगे नजर आते हैं.राहुल गांधी में कई कमियां होंगी, लेकिन कुछ मामलों में वो बड़े सही हैं. मसलन, हंसने की कला. खुद पर बने चुटकुलों पर भी मजे लेने की कला. ये गुण बहुत कम नेताओं में है. विदेशों में कई नेता हैं ऐसे. जो हंसते हैं. हंसाते हैं. ऐसा नहीं कि हंसने-हंसाने में ही रह जाते हों. काम भी करते हैं. मगर उनका अंदाज भारी-भरकम नहीं होता. और किसी को नहीं, तो बराक ओबामा को ही याद कर लीजिए. राहुल में भी 'सेंस ऑफ ह्यूमर' है. सेंस ऑफ ह्यूमर, माने हंसने की कला. न केवल हंसने, बल्कि औरों को भी हंसाने की काबिलियत. एक और अच्छी बात है उनमें. सवालों के जवाब देते हैं. कई बार असहज करने वाले सवालों का जवाब देने की भी हिम्मत करते हैं. ये दोनों ही बातें मोदी जी में नहीं हैं. मोदी जी ने कई मौकों पर मीडिया से बात की है. मगर इंटरव्यू में. जहां एक तय पैटर्न दिखता है. कुछ इंटरव्यू तो ऐसे भी रहे, जिनमें पूरा ध्यान मोदी जी की तारीफ पर था. प्रेस कॉन्फ्रेंस करना, मीडिया के खुले सवाल लेना और उनके जवाब देना, ये सब मोदी जी का स्टाइल ही नहीं है. इन दोनों बातों में राहुल गांधी का आत्मविश्वास मोदी के मुकाबले बीस ही नजर आता है.
राहुल को पता है कि उनका कितना मजाक उड़ता है राहुल का अंदाज निखर रहा है. उन्हें पता है कि उनका मजाक उड़ता है. तो वो खुद भी उन चुटकुलों पर जवाबी चुटकुले बनाते हैं. हंसते हैं. खुद का मजाक उड़ाना आसान नहीं होता. वो भी तब, जब दुनिया आपका मजाक उड़ाने में खर्च हुई जा रही हो. वैसे, राहुल कोई पीड़ित नहीं हैं. राजनीति में होने पर ये सब झेलना पड़ता है. मायने ये रखता है कि आप कैसे झेलते हैं. तो राहुल हंसकर झेलते हुए नजर आते हैं. उनकी बातों से सहमति हो न हो, लेकिन उनका ये अंदाज तो सच में अच्छा लगता है.

कई बार तो लोग इतनी बेमतलब की बातों पर राहुल को घेरते हैं कि निरे बेवकूफ लगते हैं.
चर्चा राहुल के एक हालिया पोस्ट की हो रही है पिछले कुछ समय से राहुल अच्छा बोल रहे हैं. अच्छा लिख रहे हैं. कभी दुष्यंत कुमार की कविताएं शेयर करते हैं. कभी सधे हुए सवाल पूछते हैं. कई दिन हुए. राहुल ने अपनी खिल्ली उड़वाने की कोई वाजिब वजह नहीं दी. ऐसे में उनसे खुन्नस रखने वालों की मुसीबत हो गई है. उनको राहुल का बेहतर होना पच नहीं रहा है. सो कई लोग सवाल करने लगे. कहने लगे कि राहुल खुद नहीं लिखते सोशल मीडिया पर. किसी से लिखवाते हैं.
'खुन्नसालोचकों' को चिढ़ाने के लिए राहुल अपने कुत्ते को आगे लाए जाहिर है, 'खुन्नसालोचकों' की ये बातें राहुल ने भी पढ़ी-सुनी होंगी. तो उन्होंने जवाब दिया. फेसबुक पर पोस्ट लिखा. लिखा तो राहुल ने, लेकिन पोस्ट उनके कुत्ते की ओर से आई थी. उनके कुत्ते का नाम है पिदी. पहले मुझे लगा पिद्दी है नाम. फिर मैंने सोचा, देखते हैं. कहीं पिदी ही हो. तो हमने Pidi का मतलब पूछा. प्रफेसर गूगल से. जवाब आया. स्कॉटलैंड साइड में पिदी का मतलब होता है. कम. थोड़ा सा. हमारे यहां पिद्दी होता है एक शब्द. मतलब, छोटा सा. तो पिदी या पिद्दी, एक ही जैसी बात है. तो इसी पिद्दी की तरफ से राहुल ने लिख दिया पोस्ट. पोस्ट का हिंदी तर्जुमा कुछ इस तरह है:
लोग पूछ रहे हैं कि इस आदमी (राहुल गांधी) के ट्विटर अकाउंट पर असल में कौन ट्वीट करता है. मैं साफ-साफ कहे दे रहा हूं. मैं करता हूं ट्वीट. पिदी. मैं राहुल से कहीं ज्यादा स्मार्ट और कूल हूं. देखो, मैं ट्वीट के साथ क्या कर सकता हूं. ट्वीट, उप्स. मैं तो ट्रीट कहना चाह रहा था.

राहुल को देखकर लगता है कि वो तेजी से सीख रहे हैं. कई बार काफी साफगोई दिखाते हैं. मुश्किल सवालों का जवाब देते हैं.
कई लोग शायद राहुल का कटाक्ष ही नहीं समझ पाए इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी था. पिदी का. वो कुछ करतब दिखा रहा है. उसकी बात बाद में करेंगे. जैसे ही राहुल का ये पोस्ट आया, खुन्नसालोचक भी शुरू हो गए. राहुल का मजाक उड़ाने लगे. खूब हंसी उड़ाई. कई तो बेहद बेहूदे कमेंट थे. लोगों की प्रतिक्रिया से साफ था कि वो राहुल का कटाक्ष नहीं समझ पाए हैं. बीजेपी इसे भुनाने में कैसे पीछे रहती. उसने भी कह दिया. राहुल का कुत्ता तो उनसे ज्यादा स्मार्ट है. कुछ लोग राहुल को ट्रोल करने में अपनी सारी हस्ती झोंक देते हैं. राहुल आए दिन ट्रोल होते हैं. कई बार तो बेमतलब भी ट्रोल होते हैं. इसके बावजूद उनका अंदाज डिफेंसिव नहीं है. बोलते हैं, जो बोलना होता है. हंसी उड़ाए जाने की परवाह नहीं करते. सोशल मीडिया पर लिखते हैं. इधर-उधर जब जो बोलना होता है, बोलते हैं. कई बार गलत बोलते हैं. तो सुधार भी करते हैं. जिद नहीं दिखाते. अपने ऊपर हंस भी लेते हैं.

खबर है कि राहुल गांधी को जल्द ही कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बना दिया जाएगा. वैसे, ये अटकलें तो सालों से लगाई जा रही हैं.
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