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पंजाब पुलिस ने 16 करोड़ ज़ब्त करके साढ़े 9 करोड़ दिखाए, जिसके पैसे थे उसने बवाल कर दिया

जानिए बाकी साढ़े 6 करोड़ गायब होने की इंट्रस्टिंग स्टोरी.

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फादर एंथोनी के मुताबिक, 'नाके पर हमारे 16 करोड़ रुपये पकड़े थे. पुलिस सिर्फ 9.5 करोड़ बता रही है. बाकी गायब कर दिए हैं.'
पंजाब पुलिस की एक पहचान है जेल में पटे मारने की. दूसरी है थोड़ी बदनाम- चिट्टे वाली. माने, नशे की तस्करी जैसे मामलों में फंसने की. लेकिन इस खबर के बाद जो तीसरी पहचान बनी है, मानो-ना-मानो, कतई नाम डूबाने वाली है. पैसा चुराने का आरोप है. बताओ!! आरोपों के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने एक नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए 16 करोड़ रुपयों में से 6.5 करोड़ रुपये गायब कर दिए हैं. जिसका पैसा पकड़ा वही आरोप लगा रहा है कि मेरा पैसा तो ज्यादा था!! पुलिस ने पैसा खुर्द-बुर्द कर किया है.
पूरा मामला जान लीजिए लोकसभा चुनाव के चलते पूरे देश में आचार संहिता लागू है. इसलिए आप तय सीमा से ज्यादा कैश नहीं ले जा सकते. 30 मार्च को पंजाब पुलिस ने लुधियाना से कुछ दूर दोराहा इलाके में नाका लगाया हुआ था. सभी गाडियों की जांच की जा रही थी. इसी बीच तीन बड़ी गाडियां लुधियाना की तरफ से आईं. बाकी गाडियों की तरह इन्हें भी रोका गया. जब जांच की तो करोड़ों की नकदी हाथ लगी. पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए पैसा ज़ब्त कर लिया. बाकायदा, नोट गिनने के लिए बैंक से कर्मचारी बुलाए गए थे. पैसे निकले 16 करोड़. ये पैसा था फादर एंथोनी मेदासरे का. यानी पुलिस की अबतक की जांच में वो आरोपी हैं. कुछ दिनों बाद पैसे की गिनती 16 करोड़ की बजाए साढ़े 9 करोड़ बताई जाने लगी. इस खबर के बाद आरोपी यानी फादर एंथोनी खुद पुलिस के बड़े अधिकारियों के पास पहुंचे. कहा- ज़ब्त की गई रकम 16 करोड़ है, साढ़े 9 करोड़ नहीं.
फादर एंथोनी के मुताबिक- ये पैसा गलत नहीं है. ये सब उनके ट्रस्ट की वैध कमाई है. इसीलिए वो पुलिस के पास खुद पहुंचे हैं.
<em>सफेद कपड़े पहने दिख रहे शख़्स फादर एंथोनी हैं. पंजाब पुलिस ने लुधियाना और खन्ना शहर के बीच नाका लगाया था. कार्रवाई करने वाली पुलिस टुकड़ी खन्ना थाना क्षेत्र से थी. (पुलिस-सांकेतिक तस्वीर).</em>
सफेद कपड़े पहने दिख रहे शख़्स फादर एंथोनी हैं. पंजाब पुलिस ने लुधियाना और खन्ना शहर के बीच नाका लगाया था. कार्रवाई करने वाली पुलिस टुकड़ी खन्ना थाना क्षेत्र से थी. (पुलिस-सांकेतिक तस्वीर).

पादरी भी, कारोबारी भी ये पैसा है फादर एंथोनी मेदासरे का. 46 साल के फादर एंथोनी यूं तो जालंधर से 'फ्रांसियन मिशनरीज़ ऑफ जीसस' संस्था के प्रमुख हैं, लेकिन बड़े कारोबारी भी है. करोड़ों का धंधा है. पुलिस के मुताबिक, फादर एंथोनी एक ‘सहोदय नामक निजी फर्म में हिस्सेदार हैं. फर्म के बाकी हिस्सेदारों में फादर जोस, फादर पॉल और फादर स्कारा शाइन के नाम शामिल हैं. यह चारों पादरी अपनी फर्म के ज़रिए  क़रीब 45 स्कूलों को कॉपी-किताबें और स्टेशनरी की दूसरी चीजें सप्लाई करते हैं. सहोदय नामक फर्म का सालाना टर्नओवर 40 करोड़ से ज़्यादा है.
अब पुलिस क्या करेगी पुलिस की ओर से कैश ज़ब्त करने की कार्रवाई की थी SHO दोराहा, करनैल सिंह और ASI, मोहिंदर पाल सिंह की टीम ने. साथ में बैंक के 2 कर्मचारी भी थे, जिन्होंने कैश गिना था. बैंक के कर्मचारियों ने भी इशारा किया है, करोड़ों रुपया ग़ायब है. आज तक के संवाददाता मंजीत सहगल ने बताया कि पुलिस मामले की बड़े स्तर पर जांच करवा रही है. पुलिस में कितने चोर हैं, ये जांचने के लिए पुलिस ने SIT बना दी है. जांच में कौन नपता है, फादर पाक साफ निकलते हैं या सलाखों की सैर करेंगे, ये समय बताएगा. लेकिन इस घटना ने पुलिस की साख बट्टा ज़रूर लगाया है. ख़ाकी वर्दी पर एक सितारा और लगा है, पर ये सितारा बेईमानी का है.


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