पुणे के पॉर्श कार एक्सीडेंट मामले (Pune Porsche Accident) में पुलिस की जांच-पड़ताल जारी है. इस बीच लापरवाही के कारण येरवडा पुलिस थाने में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर (PI) और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) को सस्पेंड कर दिया गया है. उधर, कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी नाबालिग के पिता को 7 जून तक के लिए जेल भेज दिया है.
Pune Porsche Accident: दो पुलिसवाले सस्पेंड हुए, घटना के बारे में कंट्रोल रूम को नहीं बताया था
मामले में पुलिस जांच में कथित तौर पर कई खामियां सामने आई थीं. येरवडा पुलिस स्टेशन के PI और API दुर्घटना के कई घंटों बाद घटनास्थल पहुंचे थे.

19 मई को हुई घटना में कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने येरवडा पुलिस थाने में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर राहुल जगदाले और API विश्वनाथ टोडकरी को सस्पेंड किया है. इंडिया टुडे से जुड़े दिव्येश सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि दोनों पुलिस अधिकारियों ने एक्सीडेंट के बारे में कंट्रोल रूम को सूचित नहीं किया था. इस वजह से दोनों को सस्पेंड किया गया है.
मामले में पुलिस जांच में कथित तौर पर कई खामियां सामने आई थीं. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि येरवडा पुलिस स्टेशन के PI और API दुर्घटना के कई घंटों बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे. लेकिन उन्होंने घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी थी. इसकी वजह से रात की शिफ्ट में मौजूद DCP संदीप सिंह गिल को घटना की जानकारी नहीं मिली थी.
इतना ही नहीं, पुलिस को Blak क्लब नाम के बार से सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला था. रिपोर्ट के मुताबिक अगर पुलिस रात में बार पहुंचती तो वहां से सीसीटीवी फुटेज निकलवा सकती थी. जो कि जांच में प्रमुखता से इस्तेमाल किया जा सकता था. उधर घटना के बाद कई खबरें आई थी कि नाबालिग आरोपी को पुलिस थाने में विशेष तरह का ट्रीटमेंट मिला है. पुणे पुलिस में ACP रैंक के एक अधिकारी इन दावों की जांच कर रहे हैं. उनकी जांच में इस बात की भी पड़ताल की जाएगी कि क्या नाबालिग को पुलिस थाने में पिज्जा परोसा गया था? इस बारे में CP अमितेश कुमार ने बताया,
"हमने साफ तौर पर कहा है कि पुलिस स्टेशन में पिज्जा पार्टी नहीं हुई थी. लेकिन हां, कुछ हुआ था जिसके लिए हमने आंतरिक जांच शुरू कर दी है.”
पुलिस की तरफ से मामले में हुई चूक के बारे में बताते हुए अमितेश कुमार ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों से चूक हुई है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा,
नाबालिग के पिता को 7 जून तक जेल“हम इन सभी चीजों की जांच कर रहे हैं और जिन लोगों ने ऐसा करने का प्रयास किया है उनके खिलाफ IPC की धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करना) के तहत कार्रवाई की जाएगी.”
पुणे सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पॉर्श एक्सीडेंट मामले की सुनवाई करते हुए 24 मई को नाबालिग आरोपी के पिता को 7 जून तक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने आरोपी के पिता की सात दिन की कस्टडी की मांगी थी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले का मतलब ये है कि अब वो जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आरोपी के पिता को हाई कोर्ट में आवेदन करना होगा.
उधर, पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने 24 मई को कहा कि पॉर्श एक्सीडेंट मामले में आरोपी नाबालिग के बजाय ड्राइवर को फंसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद, ड्राइवर बदलने की कोशिश की गई ताकि नाबालिग को परेशानी ना हो.
कमिश्नर अमितेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया,
"ये सच है कि शुरुआत में ड्राइवर ने कहा था कि वो कार चला रहा था. हम इस बात की जांच कर रहे हैं और ये भी कि किसके दबाव में ड्राइवर ने ये बयान दिया. उस दौरान ड्राइवर को बदलने की कोशिश की गई थी. हम इसकी भी जांच कर रहे हैं."
19 मई की सुबह हुए एक्सीडेंट में बाइक पर जा रहे दो लोग अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौक़े पर ही मौत हो गई. 21 मई को नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. फिलहाल, आरोपी नाबालिग को भी 5 जून तक चिल्ड्रन ऑब्जर्वेशन सेंटर में भेजा गया है.
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