उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) का शंकरगढ़ थाना. थाने में एक तोता था, जो कि पिंजरे में कैद था और दो महिलाएं थीं. दोनों ही महिलाओं का कहना था कि वो उनका तोता है. पुलिस को फैसला करना था कि तोते की असली मालकिन कौन है. थाने में 2 घंटे तक बहस के बाद तोते की असली मालिकन का पता चला. कैसे? ये सब आपको बताएंगे, पहले पूरा मामला जान लीजिए कि हुआ क्या था.
एक तोते पर लड़ रही थीं दो महिलाएं, थाने पहुंचा मामला, ऐसा पता चला किसका है तोता
तोते ने ऐसा क्या बोला कि पुलिस ने असली मालकिन का पता लगा लिया?


आजतक के पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, भडिवार गांव की रहने वाली बूटी नाम की एक महिला ने 112 नंबर पर फोन किया था. फोन पर बूटी ने पुलिस को बताया कि उसका तोता जिसका नाम तोताराम है, वो 2 साल से गायब है और उसे गांव की ही एक दूसरी महिला ने जबरन अपने पास रखा है.
इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची. दोनों पक्षों की बात सुनी. दोनों महिलाएं उस तोते को अपना बता रही थीं. पुलिस तोते को थाने ले आई. दोनों पक्ष भी साथ पहुंचे. दोनों महिलाओं से तोते के बारे में जानकारी ली गई.
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किसका था तोता?थाने में शिकायत करने वाली महिला बूटी ने बताया कि उसका तोता 2 साल पहले उड़ गया था. उसको बहुत ढूंढा गया, लेकिन वो नहीं मिला. महिला के मुताबिक, बाद में उसे जानकारी मिली कि तोता गांव में ही है और एक महिला ने उसे अपने पास रखा है. जब बूटी ने उस महिला से तोता मांगा, तो महिला ने उसे तोता देने से मना कर दिया.
वहीं उस दूसरी महिला ने थाने पर बताया कि उस तोते को उसने 5 साल से पाल रखा है. अब पुलिस को तोते की असली मालकिन का पता लगाना था.
पुलिस का काम तोते ने ही आसान कर दिया. असल में शिकायत करने वाली महिला बूटी ने बताया कि तोता उसका नाम बोलता था. इस बीच तोते ने उस महिला का नाम बोल भी दिया. इस तरह पुलिस ने बूटी को उसका तोता सौंप दिया. बूटी अपने खोए हुए तोते को वापस लेकर घर चली गईं. अब इलाके में तोताराम के लिए थाने में हुई पंचायत की खासी चर्चा हो रही है.
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