बिरयानी के शौकीनों, चेक कर लियो कहीं उसमें बिल्ली का मीट तो नहीं
चेन्नई में तो जरा संभल के ही बिरयानी खाना.
Advertisement

Symbolic Image
ए भइया सुनो! चेन्नई में पुलिस ने शुक्रवार को 16 बिल्लियों को बचा लिया है. वो भी ठीक दिवाली से पहले-पहले. पिपल फॉर एनिमल्स (PfA) करके एक संस्था है उसे सौंप दिया है. जानते हो इन बिल्लियों का मीट बनाकर बिरयानी बनने वाली थी. नारीकुरावा (Narikurava). तमिलनाडु की एक कम्यूनिटी है जिसका पेशा शिकार करना है. कई दिनों से इनके निशाने पर पल्लावरम इलाके की पालतू बिल्लियां थीं. ताकि उन्हें किडनैप कर उनका मीट सड़क किनारे वाली मीट शॉप पर बेच सकें. वो इसमें सफल भी हुए. वीकेंड पर उन्होंने बिल्लियों का मीट बेचा भी. जिसे बाद में दुकानदारों ने बिरयानी में इस्तेमाल किया. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, लगातार घरों से बिल्लियां गायब हो रही थीं. ऐसे केस बढ़ते जा रहे थे. PfA को इस बात की जानकारी थी. पर उनके पास कोई प्रूफ नहीं था. प्रूफ के लिए दो लोग गुरुवार को पहुंच गए नारीकुरावा की बस्ती. पहले बात-चीत कर के एक कपल से यारी-दोस्ती बढ़ाई. फिर उन्हीं के रंग में रंग गए. और धीरे से पूछ बैठे, 'अरे बिल्लियों को चुराने के लिए जो ट्रिक्स अपनाते हो, हमको भी सिखा दो.' वो लोग इसके लिए तैयार हो गए. और हर स्टेप कर के दिखा दिया. PfA वाले लोगों ने उसका वीडियो बना लिया. और पहुंच गए पल्लावरम पुलिस के पास. वीडियो देख कर पुलिस उनकी मदद करने को तैयार हो गई. शुक्रवार को भोरहरी में ही पुलिस और PfA के लोग नारीकोरावा की बस्ती पहुंच गए. वहां उन्हें 16 बिल्लियां मिली. जो एक ही पिंजरे में बंद थीं. उन लोगों ने उन्हें पानी तक नहीं दिया था. पूछताछ में पता चला वो तो पहले ही कई बिल्लियों का मीट दुकानों पर बेच चुके हैं, जिनकी बिरयानी बन गई. पुलिस ने बिल्लियों को तुरंत PfA के शेल्टर भेज दिया. PfA की फाउंडर के मुताबिक बिल्लियां सदमें में थीं. वो बुरी तरह डीहाईड्रेटेड थीं. उन्हें खाना भी ठीक से नहीं दिया गया था. उन्हें नॉर्मल होने में कम से कम एक महीना लगेगा. इधर इंस्पेक्टर जी वेंक्टेश का कहना है कि उनके पास बिल्लियों के गुम होने की कई सारी शिकायतें आई थीं. इसलिए उन्होंने PfA वालों की हेल्प की. और बिल्लियों को छुड़ाया.
Advertisement











