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PM Modi की 'सुरक्षा चूक' के पीछे पंजाब सरकार ने ये वजह बताई है

गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में पंजाब सरकार ने पूरी जानकारी दी.

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पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई कथित चूक के मामले में पंजाब सरकार ने केंद्र को सौंपी रिपोर्ट (साभार: आजतक)
पंजाब के फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कथित चूक के मामले में पंजाब सरकार ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी है. रिपोर्ट में बठिंडा के SSP ने फिरोजपुर के SSP पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कथित चूक का आरोप लगाया है. इंडिया टुडे से जुड़े मनजीत सहगल की रिपोर्ट के मुताबिक, बठिंडा के SSP अजय मलूजा ने फिरोजपुर के SSP हरमन हंस पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में बठिंडा के SSP ने कहा है कि फिरोजपुर SSP ने प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री के रास्ते में जाने दिया. रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों का विरोध अचानक हुआ. इस मामले में FIR दर्ज की गई है, साथ ही इस पूरी घटना की जांच के लिए पैनल का गठन भी कर दिया गया है. वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही फिरोजपुर SSP  को कारण बताओ नोटिस भेज चुका है.
मनजीत सहगल की रिपोर्ट के मुताबिक, फिरोजपुर में पीएम की सुरक्षा में जुटे सीनियर अफसरों से बात कर यह रिपोर्ट तैयार की गई है. सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे पंजाब में प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध हो रहा था. ऐसे में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था. दूसरी तरफ फिरोजपुर पुलिस ने इंस्पेक्टर बलबीर सिंह के बयान के आधार पर इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. IPC की धारा 283 (सार्वजनिक रास्ते पर संकट या बाधा पैदा करना) के तहत मामला दर्ज किया है. इस धारा के तहत अधिकतम 200 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.
फ्लाइओवर पर रुका पीएम का काफिला (तस्वीर पीटीआई) (11)
किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण फ्लाइओवर पर रुका पीएम का काफिला (तस्वीर:पीटीआई)
CM का चूक से इनकार पंजाब सरकार की तरफ से यह रिपोर्ट तब सौंपी गई है, जब राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लगातार यह कहते आए हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई. वो यह भी कह चुके हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से केंद्रीय एजेंसियों की थी और पंजाब पुलिस की इसमें कोई गलती नहीं है. फिरोजपुर में बिना रैली किए प्रधानमंत्री के वापस लौट जाने पर चन्नी ने दुख भी जताया था. साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया था कि प्रोटोकॉल के तहत वे प्रधानमंत्री को रिसीव करने नहीं जा सके, क्योंकि वो कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए थे. ऐसे में प्रधानमंत्री का स्वागत करने की जिम्मेदारी पंजाब के गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल को सौंपी गई थी.
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम 5 जनवरी का है. इस दिन प्रधानमंत्री पंजाब दौरे पर पहुंचे थे. उन्हें फिरोजपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करना था और साथ ही कई योजनाओं का शिलान्यास भी. प्रधानमंत्री को बठिंडा से फिरोजपुर जाना था. हालांकि, अचानक से फिरोजपुर में उनकी रैली को रद्द कर दिया गया.
प्रधानमंत्री की रैली रद्द होने की जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी किया था. जिसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री को बठिंडा से फिरोजपुर जाना था. शुरू में उन्हें हेलीकॉप्टर से जाना था, लेकिन खराब मौसम की वजह से तय किया गया कि प्रधानमंत्री सड़क के रास्ते जाएंगे. मंत्रालय के बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री अपने काफिले के साथ निकले थे. हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर जब पीएम का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो पाया गया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को ब्लॉक कर दिया था. पीएम 15-20 मिनट फ्लाईओवर पर फंसे रहे. मंत्रालय के मुताबिक, ये पीएम की सुरक्षा में एक बड़ी चूक थी.

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