प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक (PM Modi Xi Jinping Meeting) करीब 1 घंटे तक चली. मीटिंग में PM मोदी ने कहा कि भारत आपसी भरोसे और सम्मान के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं, चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) को एक साथ आना चाहिए.
बॉर्डर पर सहमति से मानसरोवर यात्रा तक... 1 घंटे चली PM मोदी-जिनपिंग की मीटिंग में क्या-क्या हुआ?
PM Modi China Visit: यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन और भारत पर भारी टैरिफ लगाया है. इस मीटिंग से दोनों देश एकजुट होने का संकेत दे रहे हैं. जिनपिंग ने भी दोनों के साथ मिलकर काम करने की बात कही और PM मोदी ने भी.


प्रधानमंत्री मोदी चीन के तियानजिन पहुंचे हैं, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. इससे पहले आज उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई. यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीन और भारत पर भारी टैरिफ लगाया है. इस मीटिंग से दोनों देश एकजुट होने का संकेत दे रहे हैं.
क्या बोले PM मोदी?बैठक में पीएम मोदी ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए चीनी राष्ट्रपति का आभार जताया. इस दौरान उन्होंने सीमा पर शांति और स्थिरता, आपसी सहयोग और संबंधों की मजबूती पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कजान में हुई पिछली चर्चा से रिश्तों को सकारात्मक दिशा मिली है. बैठक में बॉर्डर मैनेजमेंट पर सहमति और कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होने का भी जिक्र हुआ. उन्होंने कहा,
हमारे संबंधों को एक सकारात्मक दिशा मिली है, सीमा पर डिसइंगेजमेंट के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है. हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच बॉर्डर मैनेजमेंट के संबंध में सहमति बनी है. कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू की गई है.
PM मोदी और जिनपिंग की बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और चीन के रिश्तों में कुछ नरमी आई है. बताते चलें कि सात साल में प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली चीन यात्रा है, 2018 में उनकी आखिरी यात्रा लद्दाख गतिरोध के बाद हुई थी. वहीं, दस महीनों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ यह उनकी दूसरी मुलाकात है. पिछली मुलाकात रूस के कजान शहर में हुए ब्रिक्स 2024 सम्मेलन के दौरान हुई थी.
दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानमीटिंग के दौरान PM मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने जा रही हैं. उन्होंने कहा,
हमारे सहयोग से दोनों देशों में 2.8 बिलियन लोग भी जुड़े हुए हैं और इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है. परस्पर विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर हम अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
चीन की तरफ से SCO की सफल अध्यक्षता के लिए PM मोदी ने शी जिनपिंग को बधाई दी. मुलाकात के दौरान PM मोदी के साथ भारत की तरफ से NSA अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी समेत कई सीनियर अधिकारी मौजूद रहे.
क्या बोले राष्ट्रपति जिनपिंग?बैठक में राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि उन्हें PM मोदी से मिलकर खुशी हुई. उन्होंने आपसी संबंधों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि चीन आपसी सहयोग के लिए पूरी तरह से राजी है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा,
दुनिया बदलाव की ओर बढ़ रही है. चीन और भारत दो सबसे सभ्य देश हैं. हम दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देश हैं और ग्लोबल साउथ का हिस्सा हैं.
जिनपिंग ने कहा कि एशिया और दुनिया भर में शांति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करना होगा.
‘ड्रैगन और हाथी एक साथ…’
उन्होंने कहा कि दोस्त बनना, एक अच्छा पड़ोसी बनना और ड्रैगन और हाथी का एक साथ आना बहुत जरूरी है. चीनी राष्ट्रपति ने आगे कहा,
इस साल चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है. दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से संभालने की जरूरत है. हमें बहुपक्षवाद, बहुध्रुवीय विश्व और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में लोकतंत्र को बनाए रखने की अपनी ऐतिहासिक ज़िम्मेदारियों को भी पूरा करना होगा.
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PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन की होगी मुलाकातSCO का 25वां शिखर सम्मेलन रविवार, 31 अगस्त को चीन के तियानजिन में शुरू हो रहा है. भारत, चीन और रूस के नेता इसमें भाग लेने वाले हैं. शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ भी बातचीत करने का कार्यक्रम है. जिसमें यूक्रेन युद्ध और भारत पर अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर भी चर्चा होने की उम्मीद है.
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