The Lallantop

तुर्किए एयरलाइंस पर सरकार ने लिया यू-टर्न, तीन महीने पहले संबंध तोड़ने की बात की, लेकिन अब...

Turkish Airlines planes

Advertisement
post-main-image
Turkish Airlines planes

तीन महीने पहले देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो (Indigo) ने तुर्किए एयरलाइंस के साथ अपनी साझेदारी खत्म करने का फैसला लिया था. तय हुआ था कि इंडिगो, 31 अगस्त तक तुर्किए एयरलाइंस के साथ अपने ‘लीजिंग समझौते’ को खत्म कर देगा. लेकिन अब एयरलाइन ने उस फैसले से यू-टर्न ले लिया है और समझौते को छह महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से परिचित एक सूत्र ने बताया कि यह नया विस्तार 28 फरवरी को खत्म हो रहा है. बताते चलें कि 2023 से, तुर्किए एयरलाइंस ने इंडिगो से दो बोइंग 777 प्लेन पर लीज पर ले रखे हैं. पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्किए ने पाकिस्तान का समर्थन किया था और भारत विरोधी रुख अपनाया था. ऐसे में भारत और तुर्किए के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया. जिसके बाद सरकार ने तुर्किए एयरलाइंस के साथ संबंध खत्म करने का फैसला लिया.

तीन महीने की मिली थी मोहलत

Advertisement

इंडिगो का तुर्किए एयरलाइंस के साथ ‘लीजिंग समझौता’ 31 मई को खत्म होने वाला था. लेकिन यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसलिए एयरलाइन को तीन महीने की आखिरी और एकमात्र मोहलत दी गई. हालांकि, इंडिगो ने छह महीने की मोहलत मांगी थी, जिसे नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने अस्वीकार कर दिया था. अपने एक बयान में DGCA ने कहा,

यह मौका एयरलाइन के इस कमिटमेंट के आधार पर दिया गया था कि वे डंप लीज़ को समाप्त कर देंगे और आगे कोई मोहलत नहीं मांगेंगे.

इस तरह इंडिगो को तीन महीने की मिली मोहलत 31 अगस्त को खत्म हो रही थी. लेकिन अब उसे बढ़ाकर छह महीने के लिए कर दिया गया है. इंडिगो ने तीन महीने की अवधि खत्म होने से पहले ही इसे बढ़ाने के लिए अपील की और DGCA ने इसे मंजूरी भी दे दी. 

Advertisement

ये भी पढ़ें: PAK को सपोर्ट करने पर तुर्किए को भारत का झटका, इंडिगो ने टर्किश एयरलाइन से संबंध खत्म किए

एयरलाइन ने क्या कहा?

एयरलाइन ने कहा कि इस विस्तार से इंडिगो को अपने नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी. एयरलाइन ने हवाला दिया कि साल की शुरुआत में पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया था. जिसकी वजह से रूट लंबा हो गया और लागत बढ़ गई. इससे कंपनी को नुकसान हुआ.

वीडियो: खर्चा-पानी: तुर्किए के बॉयकॉट के पीछे क्या कारण हैं?

Advertisement