The Lallantop

तालाब से कछुआ पकड़ लाए, उसे मारा, पकाया और भोज करवा दिया; केस दर्ज लेकिन आरोपी फरार !

आरोपी फिलहाल फरार हैं. वन विभाग के अधिकारी उनकी तलाशी अभियान चला रहे हैं.

Advertisement
post-main-image
कछुए की हत्या के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. (प्रतीकात्मक फोटो- आजतक)

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में तीन लोगों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने न सिर्फ एक कछुए को मारकर उसका मांस खाया, बल्कि सामुदायिक भोज करवाकर लोगों को परोसा भी. बताया गया कि आरोपियों ने इस हरकत का वीडियो भी बनाया था. आरोपी फिलहाल फरार हैं. वन विभाग के अधिकारी उनकी तलाशी अभियान चला रहे हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

घटना 28 अगस्त को आरोपियों ने एक स्थानीय तालाब से एक कछुआ पकड़ा और उसे सिकली जागीर गांव ले गए. आरोपियों ने कछुए को सड़क पर उल्टा लिटा दिया और कुल्हाड़ी से उस पर कई हमले किए. इससे कछुए की जान चली गई. इस घटना का वीडियो बनाने वाले तीनों आरोपी फिलहाल फरार हैं.

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति संघर्ष कर रहे कछुए को डंडे से पकड़े हुए दिखाई दे रहा है. जबकि दूसरा उस पर कुल्हाड़ी से लगातार वार कर रहा है. कई स्थानीय निवासी पास में खड़े होकर कछुए को मारते हुए देख रहे हैं. वन्यजीव अधिकारियों ने बताया कि कछुए को मारने के बाद, उन लोगों ने कछुए का मांस पकाया और गांव में एक सामुदायिक भोज का आयोजन किया.

Advertisement

वीडियो वायरल होने के बाद रेंजर बसंत शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की एक टीम शनिवार, 30 अगस्त को सिकली जागीर गांव पहुंची. टीम ने पहचाने गए संदिग्धों के घरों की तलाशी ली. लेकिन पता चला कि वो पहले ही इलाके से भाग चुके थे. रेंजर बसंत शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,

वीडियो सबूत के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है. हमारी टीमें गांव और आसपास के इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं. दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

ये भी पढ़ें- 150 साल पुराने चिड़ियाघर की मादा कछुआ को मां बनने में लग गए 100 साल

Advertisement

अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है. वही, एक वरिष्ठ वन्यजीव अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि कछुओं को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन वो जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. कछुए शैवाल की बढ़ोतरी को कंट्रोल करने, जल निकायों को साफ करने और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के जरूरी इंडिकेटर्स के रूप में काम करते हैं. ग्रामीणों को ये बताना बेहद जरूरी है कि कछुए हमारे पर्यावरण के लिए क्या करते हैं.

वीडियो: 'जानवर' की तरह घुमाया, घास चरवाई, नाली का पानी पिलाया... दलित युवकों के साथ क्या-क्या हुआ?

Advertisement