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'तुर्की ने जिस गेहूं की खेप को वापस किया, उसे भेजा ही नहीं गया था', पीयूष गोयल ने ये क्या कहा?

पीयूष गोयल ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद पता चला कि जिस खेप को वापस किया गया, उसका निर्यात ITC लिमिटेड ने किसी और देश को किया था.

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फोटो- PTI)

तुर्की द्वारा भारत के गेहूं की खेप वापस भेजे जाने पर केंद्र सरकार का जवाब सामने आया है. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि सरकार ने इसकी जांच शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि तुर्की ने जो माल वापस भेजा है वो उसे भेजा ही नहीं गया था. उन्होंने बताया कि जिस खेप को वापस किया गया, उसका निर्यात ITC लिमिटेड ने नीदरलैंड को किया था.

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दरअसल, तुर्की ने हाल में भारत से भेजी गई 56 हजार टन गेंहू की खेप को लौटा दिया था. वहां की सरकार ने कहा था कि गेहूं में रुबेला वायरस पाया गया है इसलिए वो इस गेहूं को नहीं ले सकती.

पीयूष गोयल ने क्या बताया?

अब इस मामले पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की सफाई आई है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पीयूष गोयल ने कहा है, 

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"आप सब जानते हैं कि ITC लिमिटेड कितनी बड़ी कंपनी है. आपको जानकर हैरानी होगी कि ये माल ITC से नीदरलैंड ने खरीदा था. ये कंसाइनमेंट तुर्की के लिए था, ये बात ITC को भी पता नहीं थी. उन्होंने (ITC) खुद न्यूज रिपोर्ट से पढ़ा और जो नीदरलैंड की जरूरत थी उसके हिसाब से इस खेप की अच्छी तरह जांच की गई थी."

पीयूष गोयल ने कहा कि ITC ने नीदरलैंड के हिसाब से ही गेहूं का निर्यात किया था. उन्होंने एएनआई से कहा, 

"वो कब डायवर्ट हो गई और किसने किया, इसके बारे में ITC को भी कोई जानकारी नहीं है. मुझे नहीं पता कि ये किस उद्देश्य से किया गया. मुझे पूरा भरोसा है कि भारत का गेहूं अच्छी क्वालिटी का होता है. मामले में आईटीसी के अधिकारी जांच कर रहे हैं."

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भारत आ रहा है लौटाया गया गेहूं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस गेहूं की खेप को लौटाने की बात हो रही है उसे 13 मई को निर्यात बैन होने से पहले भेजा गया था. तुर्की के अधिकारियों ने बताया कि इस गेहूं में फाइटोसैनिटरी की समस्या है, जो पेड़-पौधों से जुड़ी होती है. तुर्की सरकार के लौटाने के बाद गेहूं से लदा जहाज 29 मई को भारत के लिए रवाना हो गया.

कमॉडिटी मार्केट से जुड़ी खबरें देने वाली ‘एस&पी ग्लोबल’ ने इसे रिपोर्ट किया था. इसके मुताबिक इस्तांबुल के एक ट्रेडर ने कहा था, 

"तुर्की के कृषि मंत्रालय को भारतीय गेहूं की खेप में रूबेला वायरस का पता चला है, जिसके कारण इसे वापस किया गया है. गेहूं से लदा 'एमवी इंस एकडेनिज' जहाज तुर्की के इस्केंडरुन बंदरगाह से भारत के लिए वापस निकल चुका है. जून के मध्य तक ये भारत पहुंच जाएगा." 

उधर, आईटीसी के एक अधिकारी ने अंग्रेजी अखबार द हिंदू बिजनेस लाइन को बताया था कि ITC ने गेहूं नीदरलैंड की एक ट्रेडिंग कंपनी को बेचा था. अधिकारी के मुताबिक नीदरलैंड की कंपनी ने इस गेहूं का सौदा तुर्की के साथ किया था. उन्होंने कहा कि गेहूं में वायरस की बात तुर्की सरकार कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्विता के कारण भी फैला सकती है.

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