हर जगह ही कोई फेमस चीज़ होती है. जैसे आगरा का पेठा, जयपुर का सांगानेरी प्रिंट, जोधपुर का मिर्ची-वड़ा. लेकिन कभी आपसे पूछा जाए कि बेंगलुरु का क्या फेमस है, तो आप बोलेंगे ट्रैफ़िक. आपकी बात ठीक है. लेकिन बेंगलुरु की एक और चीज़ फेमस है. ‘Peak Bengaluru moment.’ इस 'पीक बेंगलुरु मोमेंट' में एक बार फिर से एक फ़ोटो शेयर की गई है. फ़ोटो में एक महिला कथित तौर पर ऑनलाइन ऑफ़िस मीटिंग में शामिल रहते हुए जूते खरीद रही है.
'ऑनलाइन ऑफिस मीटिंग' में जूते खरीदती दिखी महिला, यूजर्स बोले, "ऐसों ने खत्म कराया WFH"
Peak Bengaluru moment में एक बार फिर एक नई फ़ोटो शेयर की गई है. इसमें कुछ नया नहीं है, एक महिला के हाथ में लैपट़ॉप है, वो जूते की दुकान पर है. जूता खरीद रही है और कहा जा रहा है कि वो ऑनलाइन ऑफ़िस की मींटिग से जुड़ी है. शास्त्रों में इसे मल्टीटास्किंग कहते हैं.

'पीक बेंगलुरु मोमेंट' बेंगलुरु का एक अनोखा सोशल मीडिया ट्रेंड है. बेंगलुरु में रहने वाले लोगों को अपने रूटीन में कुछ अलग देखने को मिलता है तो वो यहां बताते हैं. ऐसे ही कार्तिक भास्कर नाम के एक एक्स यूजर ने महिला की फ़ोटो शेयर की. ये स्पष्ट नहीं है कि फ़ोटो में महिला ऑफिस मीटिंग में रहते हुए जूते की खरीदारी कर रही है. लेकिन कार्तिक का कहना है कि वो ऑनलाइन मीटिंग में होते हुए चप्पल-सैंडल देख रही थी. फ़ोटो शेयर करते हुए कार्तिक ने लिखा,
"आज @peakbengaluru में मैंने एक व्यक्ति को लैपटॉप पर टीम मीटिंग में भाग लेते हुए जूते की खरीदारी करते देखा."
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यह तस्वीर तेज़ी से सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है. लोग ऑनलाइन अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ लोगों को यह मज़ेदार लगा. लक्ष्मीनारायणन नीलकंदन नाम के यूजर ने लिखा,
"मेरी बीवी भी ऐसा कई बार कर चुकी है."
रवि शर्मा नाम के यूजर ने लिखा,
"इसे मल्टीटास्किंग कहते हैं."
नीरज शर्मा नाम के यूजर ने लिखा,
"मैंने बेंगलुरु में लोगों को वीडियो कॉल पर सब्जियां खरीदते हुए देखा है. वो भी बिना झिझक के."
रवि नाम के यूजर ने कार्तिक के लिए लिखा,
"हो सकता है कि वो ऑनलाइन और ऑफ़लाइन शॉपिंग की तुलना कर रही हो. या अपनी बहन से ऑनलाइन सलाह मांग रही हो. कौन जानता है कि वह लैपटॉप पर क्या कर रही थी? क्या इस तरह उनकी निजता का उल्लंघन करना ठीक बात है?"
मुस्तफा खुंदमिरी नाम के यूजर ने लिखा,
"फ़ोन पर दोनों हो सकता था- मीटिंग और जूते की शॉपिंग दोनों."
अमित नाम के यूजर को यह तरीका पसंद नहीं आया. उन्होंने लिखा,
“ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम की पॉलिसी कैंसिल करवाई है. कितनी दुखद स्थिति है. इससे यह धारणा बनती है कि भारत में लोगों के पास वर्क एथिक्स नहीं हैं.”
आपको महिला का ये काम करने का तरीका कैसा लगा वो तो बताइए ही, साथ में ये भी जानते जाइए कि ये बिल्कुल जरूरी नहीं है कि महिला ऑनलाइन ऑफ़िस की मीटिंग से जुड़ी ही हो.
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