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लड़कियों पर लाठी, बच्चे को तमाचा, नौकरी मांगने वालों को सड़क पर घसीटा, जब अफसर गुंडई पर उतर आए

हाल के दिनों में ऐसे कई मामले आए हैं जब सरकारी अधिकारी खुद सड़क पर उतरकर लोगों को पीटने लगे

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पटना में एक प्रदर्शनकारी को पीटते एडीएम केके सिंह (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट)

22 अगस्त को पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच एक वीडियो खूब वायरल हुआ. इसमें एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) केके सिंह एक प्रदर्शनकारी को लाठी से पीटते दिखे. जिस शख्स की पिटाई हुई वह हाथ में तिरंगा लिए था. ADM उस व्यक्ति को सड़क पर घसीटते भी दिखे. पिटाई का यह वीडियो वायरल हुआ तो लोग सोशल मीडिया पर सरकार को घेरने लगे. TET अभ्यर्थियों ने 7वें चरण की शिक्षक भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन किया था.

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विवाद बढ़ने के बाद पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने एक कमिटी गठित कर जांच का आदेश दिया. डीएम ने दो दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. डीएम ने आदेश में यह भी लिखा कि वीडियो पहली बार देखने पर आपत्तिजनक लग रहा है. उधर, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी.

प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की तस्वीरें अक्सर सामने आती हैं. कानून असामान्य परिस्थियों में पुलिस को बल का इस्तेमाल करने की अनुमति जरूर देता है. CrPC की धारा-144 में यह प्रावधान है कि अगर कहीं गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा होती है या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो तो ऐसी परस्थियों में बल का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि 'लाठीचार्ज' शब्द का इस्तेमाल CrPC या IPC में नहीं है. पुलिस को किसी कार्रवाई के लिए डीएम से अनुमति लेनी होती है. लेकिन हाल के दिनों में ऐसे कई मामले आए हैं जब सरकारी अधिकारी खुद सड़क पर उतरकर लोगों को पीटने लगे.

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छपरा में एसडीएम की लाठी

दो महीने पहले ही सेना में भर्ती की नई 'अग्निपथ योजना' के खिलाफ बिहार में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हुआ था. 20 जून को बिहार में इस योजना के खिलाफ बंद का ऐलान किया गया था. छपरा में धारा-144 लगा दी गई थी. एसडीएम योगेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मढ़ौरा की एक सड़क पर तैनात थे. इस बीच बिना हेलमेट के दो युवक बाइक पर आते दिखे. जैसे ही पुलिसवालों ने उनकी गाड़ी रुकवाई, एसडीएम की लाठी दोनों युवकों के पीठ पर थी.

वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम की खूब आलोचना हुई. लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हेलमेट नहीं लगाने के लिए युवकों पर जुर्माना लगाया जा सकता था, लेकिन इस तरह लाठी से पीटना गलत है. लोगों ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की, हालांकि योगेंद्र कुमार अब भी मढ़ौरा के एसडीएम हैं.    

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कलेक्टर रणबीर शर्मा का तमाचा

पिछले साल मई में कोविड लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से एक वीडियो सामने आया. जिले के तत्कालीन कलेक्टर रणबीर शर्मा ने सड़क पर एक युवक को थप्पड़ मार दिया. मास्क लगाए युवक अपने हाथ में मोबाइल और एक कागज पकड़े था. पहले कलेक्टर ने उससे मोबाइल लेकर रोड पर ही पटक दिया और फिर युवक को एक थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद वहां मौजूद पुलिस वाले लड़के लाठी से पीटने भी लगे.  

वीडियो वायरल हुआ तो मामला सीएम भूपेश बघेल तक पहुंचा. सीएम ने रणबीर शर्मा को कलेक्टर पद से हटाने का आदेश जारी किया. बाद में उन्होंने माफी भी मांगी थी. पीड़ित लड़के को नया मोबाइल फोन दिया गया था. कलेक्टर पद से हटाने के बाद उन्हें मंत्रालय में जिम्मेदारी दी गई थी. पिछले साल सितंबर में रणबीर शर्मा को छत्तीसगढ़ दूध महासंघ का प्रबंध संचालक बना दिया गया. रणबीर शर्मा 2012 बैच के IAS अधिकारी हैं.

धनबाद SDM ने लड़कियों पर भांजी लाठी

पिछले साल अगस्त में झारखंड बोर्ड (JAC) इंटर परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़ियों को लेकर धनबाद में कुछ छात्राएं प्रदर्शन कर रही थीं. 6 अगस्त को धनबाद जिले के प्रभारी मंत्री बन्ना गुप्ता जिला कलेक्टरेट में मौजूद थे. प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने उनसे मिलने की कोशिश की. जब उन्हें रोका गया तो वे नारेबाजी करने लगीं. इसी पर वहां मौजूद एसडीएम सुरेंद्र कुमार पुलिस के साथ मिलकर छात्राओं पर लाठी बरसाने लगे. इस कार्रवाई में 6-7 लड़कियां घायल भी हुई थीं.

इस मुद्दे पर बीजेपी ने हेमंत सोरेन सरकार की खूब आलोचना की. ABVP सहित कई संगठनों ने घटना के विरोध में शहर को बंद किया. बीजेपी ने अपनी फैक्ट फाइंडिंग टीम भी भेजी. लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. घटना के 5 दिन बाद, 11 अगस्त को राज्य सरकार ने एसडीएम का ट्रांसफर पर्यटन मंत्रालय में कर दिया.

बलिया SDM ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान नियमों का पालन करवाना प्रशासन के लिए चुनौती का काम था. अलग-अलग जगहों से प्रशासन द्वारा सख्ती की कई तस्वीरें आई थीं. अगस्त 2020 में एक वीडियो यूपी के बलिया से सामने आया. बेल्थरा रोड इलाके के तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी लोगों पर लाठी ऐसे बरसा रहे थे जैसे हॉकी के मैदान में हों. ये पिटाई कोविड लॉकडाउन के कथित उल्लंघनों पर की गई थी. एसडीएम के व्यवहार पर लोगों ने काफी नाराजगी जताई. वीडियो में दिख रहा था कि जो लोग मास्क पहने हैं उनके ऊपर पर भी एसडीएम की लाठी नहीं रुकी.

मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया. सीएम ने इस घटना को लोगों के साथ दुर्व्यवहार बताया और एसडीएम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. हालांकि, निलंबन के तुरंत बाद उन्हें दूसरे विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया था. पीड़ित लोगों की शिकायत पर एसडीएम अशोक चौधरी के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था.

वीडियो: थाने में पिटाई का वायरल वीडियो सहारनपुर का, यूपी पुलिस मानने को तैयार नहीं!

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