UAE में एक ड्रोन हमले के दौरान तीन भारतीय मूल के नागरिक घायल हो गए. विदेश मंत्रालय ने बताया कि सोमवार 4 मई को ईरान ने कई क्रूज़ मिसाइलें और ड्रोन हमले किए. एक ड्रोन हमले में फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन को निशाना बनाया गया, जहां आग लगने से तीन लोग घायल हो गए. इस हमले को अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का उल्लंघन माना जा रहा है.
UAE के ऑयल पोर्ट पर बरसी मिसाइलें, 3 भारतीय घायल, ईरान ने फिर शुरू कर दी जंग
Iran strike on Fujairah: 4 मई को ईरान ने कई क्रूज़ मिसाइलें और ड्रोन हमले किए. एक ड्रोन हमले में फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन को निशाना बनाया गया. ईरानी ड्रोन हमले में UAE के एक तेल पोर्ट पर आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय घायल हो गए.


UAE के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने 4 मई को कई ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट (हवा में रोकना) किया है. जिसमें, 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज़ मिसाइल और 4 ड्रोन शामिल हैं. एक पोस्ट में लिखा,
‘मिडिल ईस्ट में जंग जब से शुरू हुई है तबसे हमारे एयर डिफेन्स सिस्टम करीब 549 बैलिस्टिक मिसाइलें, 29 क्रूज़ मिसाइलें और 2260 ड्रोन इंटरसेप्ट कर चुके हैं. इन हमलों में अब तक करीब 10 मासूम लोगों की जान भी चली गई है, जिसमें भारतीय मूल के नागरिक भी शामिल है. हम किसी भी तरह के थ्रेट से लड़ने के लिए तैयार हैं. राष्ट्र की सुरक्षा सबसे ऊपर है.’
एक ड्रोन को इंटरसेप्ट नहीं किया जा सका, जिसकी वजह से पोर्ट में आग लग गई. हमले के बाद बचाव टीम मौके पर पहुंची और लोगों को वहां से बाहर निकाला. फिलहाल तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस हमले पर इंडियन एम्बेसी की भी नज़र है. उन्होंने पोस्ट कर बताया कि हमले में तीन भारतीय घायल हुए हैं और उनके इलाज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
भारत सरकार ने कहा- ‘ये स्वीकार नहीं’भारत सरकार ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात में हुए ईरान के इस हमले की कड़ी निंदा की है. भारत ने कहा इस तरह के हमले स्वीकार नहीं हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर लिखा, “फुजैराह पर हुआ हमला, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए, अस्वीकार्य है. हम इन हमलों और नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हैं. भारत इस स्थिति से निपटने के लिए संवाद और कूटनीति का पक्षधर है, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके.”
फुजैराह ऑयल पोर्ट UAE के सबसे ज़रूरी ऑयल पोर्ट में से एक है. इस पोर्ट से गल्फ ऑफ़ ओमान नज़दीक है. जिसकी वजह से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुज़रे बिना UAE यहां से अपना तेल निर्यात कर सकता है. ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी सीजफायर बना हुआ था. लेकिन इस हमले की वजह से ये सीजफायर टूट गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, UAE सरकार ने पहले ही दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया था. उनका अनुमान था कि ईरान मिसाइल हमले कर सकता है. इससे पहले 14 मार्च को भी फुजैराह पोर्ट पर हमला हो चुका है, तब किसी को नुकसान नहीं पहुंचा था.
ये भी पढ़ें: होर्मुज नाकाबंदी से ईरान को रोज 45 हजार करोड़ का नुकसान? अमेरिका तो यही दावा कर रहा
उधर, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में अपने नेवल फोर्सेज की तैनाती बढ़ा दी है. इसमें UAE के दो पोर्ट शामिल हैं -फुजैराह और खोरफक्कन. ऐसा ईरानी मीडिया का दावा है. वहीं, विदेश मंत्री अबास अराघची ने बताया कि पाकिस्तान की मदद से बातचीत बहुत अच्छी चल रही है. बस अमेरिका और UAE मिलकर वापस दलदल में न ले जाएं.
वीडियो: दुनियादारी: इधर ट्रंप ने की 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा, उधर ईरान ने धमकी दे डाली




















