ये लेटर प्राइमरी से लेकर इंटर लेवल को लपेट रहा है. अफसर साब ने ये लिखकर दस्तखत घसीटा है कि 21 जनवरी को प्रोग्राम है. इसको सफल बनाने के लिए सबका मौके पर मौजूद रहना बहुज्जरूरी है. तो सबको ये ऑर्डर है कि अपने मम्मी पापा(मतलब खानदान) के साथ इसमें शामिल हों. अगर भाग लेने की जगह भागने की कोशिश की तो समझा जाएगा कि आपको इस आदेश की कोई कद्र नहीं है. और ह्यूमन चेन में हिस्सा न लेने वाले छात्रों का एडमिशन जो है, वो हो जाएगा खतम. तो भैया नशाबंदी शराबबंदी तो हो गई. अब पढ़ाई में मन लगने लगा है तो पढ़ाई बंदी करा दो सरकार. छात्रों की जिम्मेदारी पढ़ाई के अलावा हर विषय में रहनी चाहिए. अगर प्रोग्राम सरकार करा रही है तो उसमें जरूर. वैसे बिहार की छात्र शक्ति को ललकारने की कोशिश करना भी बेवकूफी ही है. सरकार सोच समझ लो पहले. और सुनो. हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकार को टिंचर दिया है. कि ये सब क्या लफड़ा है भई? किसकी इजाजत से और किस कानून के तहत यहां के स्टेट और नेशनल हाईवे बंद किए जा रहे हैं. सरकारी डिपार्टमेंट से लेकर कोर्ट तक नोटिस नोटिस खेल रहे हैं. देखो कैसे होता है ये महान आयोजन. ये भी पढ़ें: ये टॉपलेस फोटो पॉर्न साइट पर नहीं, एग्जाम के एडमिट कार्ड पर लगी है










