पेरिस के एक स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची का व्यवहार कुछ दिनों से बदला-बदला हुआ था. उसकी मां ने इसे महसूस किया और एक दिन उसे पास के पार्क में लेकर गई. वहां उससे पूछा कि क्या स्कूल में किसी ने उसे छुआ? उसने ‘हां’ में जवाब दिया. बच्ची ने आगे कहा कि डेविड मुझे छूता है. गले लगाता है. डेविड स्कूल में सहायक या एनिमेटर है, जो पढ़ाने के अलावा स्कूल के बाकी सारे कामों के लिए रखे जाते हैं.
पेरिस के स्कूलों में सैकड़ों बच्चों का यौन उत्पीड़न? 1500 सहायक शक के घेरे में
पेरिस में बच्चों से यौन उत्पीड़न के आरोप स्कूल के उन कर्मचारियों पर लगे हैं, जो पढ़ाने वाले स्टाफ में नहीं आते. इन लोगों को एनिमेटर (animateurs) कहा जाता है और ये स्कूल में पढ़ाने के अलावा बाकी सारे काम करने वाले लोग होते हैं.


मां ने आगे पूछा, ‘मुझे करके दिखाओ. कैसे छूता है.’ इसके बाद बेटी ने उनकी पीठ पर अजीब तरीके से हाथ फेरना शुरू कर दिया. मां का माथा ठनका. ठीक इसी समय एक और बच्चे के गार्डियन ने शिकायत की कि उनके बच्चे के साथ स्कूल में यौन उत्पीड़न हुआ है.
इन दोनों घटनाओं ने पेरिस के स्कूलों में एक ऐसे बड़े सेक्शुअल हैरसमेंट मामले का खुलासा किया, जिसने फ्रांस के स्कूली सिस्टम को हिलाकर रख दिया है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ये आरोप स्कूल के उन कर्मचारियों पर लगे हैं, जो पढ़ाने वाले स्टाफ में नहीं आते. इन लोगों को एनिमेटर (animateurs) कहा जाता है और ये स्कूल में पढ़ाने के अलावा बाकी सारे काम करने वाले लोग होते हैं.
ये एक तरह से स्कूलों में ‘सहायक’ के रोल में होते हैं, जो लंच ब्रेक में या स्कूलों की छुट्टी के बाद बच्चों पर निगरानी रखने का काम करते हैं. खेल, आर्ट और अन्य एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में भी यही लोग काम आते हैं. इन सहायकों की नौकरी परमानेंट नहीं होती. उन्हें बेहद कम सैलरी मिलती है.
1500 एमिनेटर्स शक के घेरे मेंइन्हीं में से कई एनिमेटर्स पर स्कूली बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है. शिकायतों की बढ़ती संख्या ने पेरिस में तकरीबन 1500 एनिमेटर्स को शक के घेरे में ला दिया है. ये सब कुछ पेरिस में एक साल से चल रहा है. ताजा मामला पेरिस के अल्फोंस बोडिन जूनियर स्कूल का है, जहां पर 5 बच्चों को गलत तरीके से छूने के आरोप में एक एनिमेटर पर केस दर्ज किया गया है. जाहिर है, ये अकेला मामला नहीं है. पूरे पेरिस में तीन स्कूलों पर छापेमारी कर पुलिस ने 16 लोगों को हिरासत में लिया है.
इसके अलावा कम से कम 100 क्रेच (डे-केयर जैसी सुविधा), किंडरगार्टन और जूनियर स्कूलों की जांच चल रही है, जहां ऐसे एनिमेटर्स पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं. इन्हीं गर्मियों में ऐसे ही तीन और मामलों की सुनवाई कोर्ट में होनी है. वहीं एक दूसरे मामले में कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है.
एनिमेटर्स पर ये आरोप लगने के बाद पूरे पेरिस में बच्चों के माता-पिता परेशान और डरे हुए हैं. ऐसे सहायकों की भर्ती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि ऐसे लोगों को नौकरी पाने के लिए बहुत सख्त टेस्ट से गुजरना नहीं होता. एनिमेटर्स की नौकरी पाने के लिए उम्मीदवार के पास सिर्फ बच्चों की देखभाल से जुड़ा एक सामान्य सर्टिफिकेट काफी होता है. ऐसे में इन सहायकों की क्वालिटी को अब शक की नजर से देखा जाने लगा है.
वहीं, पेरिस के लोगों में इन घटनाओं को लेकर बेहद आक्रोश है. इसे देखते हुए शहर के मेयर इमैनुएल ग्रेगोयर ने एनिमेटर्स की भर्ती सिस्टम में सुधार का वादा किया है. उन्होंने अब से ऐसे लोगों को ट्रेनिंग देने और उनके कामों की निगरानी के लिए व्यवस्था बनाने की भी बात कही है. इसके लिए 2 करोड़ यूरो यानी तकरीबन 222 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है.
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