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किसी आतंकी घटना से आपको उतना खौफ नहीं होगा, जितना इन पाकिस्तानी बच्चों के खेल से

इस खेल का वीडियो देखकर आपको डिप्रेशन हो सकता है.

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पाकिस्तान का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है. इसमें नजर आने वाले बच्चे पांच से सात साल के बीच होंगे. ये सब एक गुड़िया को फांसी चढ़ाकर ताली बजाते हैं. खूब खुश होते हैं.
जाने-अनजाने मैंने कई वीभत्स चीजें देखी हैं इंटरनेट पर. दरिंदगी, खून-खराबा, मार-काट, क्रूरता, हैवानियत, जाहिलियत से भरी चीजें. कुछ तो खबरों की वजह से मजबूरी में देखनी पड़ीं. जैसे, वो वीडियोज़ जिनमें इस्लामिक स्टेट लोगों की गरदन काट देता था. इन्हें देखकर कभी गुस्सा आया, कभी खौफ महसूस हुआ, कभी अफसोस हुआ. मगर जो वीडियो मैंने आज देखा, उसको देखकर मुझे हद नाउम्मीदी महसूस हुई है. मुझे महसूस हो रहा है कि ये दुनिया सच में जीने लायक जगह नहीं है. ये वीडियो है पाकिस्तान का.
जैसे बच्चे डॉक्टर-डॉक्टर, घर-घर जैसे खेल खेलते हैं, वैसे ही ये बच्चे फांसी चढ़ाने का खेल खेल रहे हैं.
जैसे बच्चे डॉक्टर-डॉक्टर, घर-घर जैसे खेल खेलते हैं, वैसे ही ये बच्चे फांसी चढ़ाने का खेल खेल रहे हैं. इस फ्रेम में ये बच्चे गुड़िया के गले में फांसी का फंदा डाल रहे हैं. 

क्या है इस वीडियो में? कुछ 22-23 सेकंड का वीडियो है. कोई गली-कूचे सी जगह है. पहली नजर में लगता है, बच्चों का खेल चल रहा है. फ्रेम में नजर आते हैं तीन बच्चे. उम्र होगी पांच-सात साल के बीच. इनके हाथ में एक गुड़िया है. ये एक नारा लगाते हुए गुड़िया को थामे आगे बढ़ रहे हैं. ये बच्चे साफ बोल नहीं पा रहे हैं, लेकिन नारा लगाते हैं-
ब्लासफेमी की एक सजा, सर तन से जुदा सर तन से जुदा.
एक चौथा बच्चा भी है. उसके हाथ में एक डंडा है. डंडे के एक सिरे पर रस्सी सी लटक रही है. वो तीनों बच्चे गुड़िया को लेकर यहां पहुंचते हैं. उनमें से एक रस्सी में पड़ी गांठ खोलने लगता है. उसके साथ वाला बच्चा कहता है-
जल्दी से रस्सी खोल यार.
फिर ये लोग उस गुड़िया को रस्सी में बांधने लगते हैं. एक कहता है- आसिया को इधर कर. दूसरा कहता है- आसिया को हां इधर कर. फिर तीनों हंसते हुए उस गुड़िया का गला रस्सी के फंदे से बांधते हैं. तीनों हंस रहे हैं. उनके साथ वाले बच्चे फ्रेम में नहीं दिखते, मगर उनकी भी हंसी सुनाई दे रही है. गुड़िया का गला रस्सी से बांधने के बाद एक बच्चा कहता है- ओए, बस बस बस. फिर ये बच्चे गुड़िया को छोड़ देते हैं. गर्दन रस्सी से बंधी होने के कारण वो हवा में लटकने लगती है. ऐसे ही, जैसे फांसी लगने के बाद इंसान का शरीर हवा में झूलता है. धरती का गुरुत्वाकर्षण जिस्म को धरती की तरफ खींचता है, मगर गले में बंधी रस्सी उसे हवा में पकड़े रखती है. बच्चे ये देखकर बहुत खुश हैं. वो बच्चे ताली बजाकर हंसते हुए कह रहे हैं-
लग गई फांसी. लग गई, लग गई.
Pakistani kids hang a doll to imitate hanging of Asiya Bibi and chant 'Labbaik, Labbaik Ya Rasool Allah'. What will they grow up to be?
Posted by Man Aman Singh Chhina
on Sunday, November 4, 2018
ये कैसे बच्चे हैं, जो फांसी चढ़ाने का खेल खेलते हैं? मैं पांच साल की थी, तो मैंने अपने गांव में लोगों को बकरे की बलि देते देखा. मैं रोते-रोते बेहोश हो गई थी. उस दिन के बाद मैंने मांस नहीं खाया कभी. बच्चे तो ऐसे ही होते हैं. कुछ दिनों पहले एक वीडियो देखा था. एक बच्चे के पापा घर के पालतू मुर्गे को काटने ले जा रहे हैं. बच्चा मुर्गे को कलेजे से लिपटाकर रो रहा है. बिलख-बिलखकर, दहाड़ें मारकर रो रहा है. एक बच्ची का वीडियो देखा था. वो रोते-रोते अपनी मां से कह रही थी कि वो मीट नहीं खाएगी, क्योंकि वो किसी जानवर को मारकर आता है.  बच्चे तो ऐसे होते हैं. ये किस किस्म के बच्चे हैं, जो जल्लाद बनने का खेल खेल रहे हैं. देखकर ऐसा लगता है कि अगर कहीं सचमुच का इंसान इनके हाथ लगे और इनका बस चले, तो ये उसको भी फांसी पर लटका देंगे. और उसको मरता देख ताली बजाएंगे. इतनी सी उम्र में इतनी क्रूरता कहां से आई इनमें? जवाब है, अपने आस-पास के बड़ों से.
ये सरीर अहमद की कब्र है. ये पाकिस्तान में एक कॉलेज के प्रिंसिपल थे. किसी ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. पुलिस ने कहा कि एक छात्र ने ही उन्हें गोली मारी. छात्र का कहना था कि सरीर अहमद ने ईशनिंदा की है (फोटो: रॉयटर्स)
ये सरीर अहमद की कब्र है. ये पाकिस्तान में एक कॉलेज के प्रिंसिपल थे. किसी ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. पुलिस ने कहा कि एक छात्र ने ही उन्हें गोली मारी. छात्र का कहना था कि सरीर अहमद ने ईशनिंदा की है (फोटो: रॉयटर्स)

कौन है आसिया बीवी, जिसे फांसी चढ़ाना चाहते हैं बच्चे? आपने शायद आसिया बीवी का नाम सुना हो. आसिया पाकिस्तान की रहने वाली हैं. तकरीबन आठ साल पहले की बात है. वो फालसे चुन रही थीं. तपती धूप थी. आसिया को प्यास लगी. पास ही में एक कुआं था. आसिया पानी पीने वहां पहुंची. वहां पहले से ही एक बर्तन रखा था पानी पीने वाला. आसिया ने उसमें पानी पी लिया. उन्हें पानी पीते वहां मौजूद कुछ औरतों ने देखा. उनमें और आसिया में बहस हुई. वो औरतें थीं मुसलमान और आसिया ईसाई. मुसलमान औरतें कह रही थीं कि आसिया ने उस बर्तन में पानी पीकर उसे अपवित्र कर दिया है. ये बहस यहां से शुरू होकर पैगंबर और ईसा मसीह पर पहुंची. फिर हुआ ये कि आसिया ने शायद रौ में बहकर पैगंबर की तुलना ईसा से कर दी. औरतों ने कहा, तुमने पैगंबर का अपमान किया है. यानी ईशनिंदा की है. कुएं से शुरू हुई वो लड़ाई फिर थाने पहुंची. वहां से कचहरी गई. निचली अदालत ने इत्ती सी बात के लिए आसिया को सजा-ए-मौत सुनाई.
ये 'तहरीक-ए-लबाइक पाकिस्तान' (TLP) के समर्थक हैं. ये सभी आसिया बीवी की रिहाई के खिलाफ प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे हैं. पाकिस्तान में जगह-जगह इस तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं (फोटो: रॉयटर्स)
ये 'तहरीक-ए-लबाइक पाकिस्तान' (TLP) के समर्थक हैं. ये सभी आसिया बीवी की रिहाई के खिलाफ प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे हैं. पाकिस्तान में जगह-जगह इस तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं (फोटो: रॉयटर्स)

एक औरत के खून का प्यासा बना हुआ है पाकिस्तान ऊपरी अदालत में अपील हुई. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. जिस दिन हमारे यहां हाई कोर्ट ने हाशिमपुरा केस में फैसला
दिया, उसी दिन पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने आसिया बीवी को बरी कर दिया. मगर इससे पाकिस्तान में मच गया हंगामा. हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. वो आसिया की रिहाई का विरोध कर रहे थे. पाकिस्तानी अखबार इन दिनों इन्हीं विरोध प्रदर्शनों की खबरों से रंगे हुए हैं. और जिस वीडियो का हमने ऊपर जिक्र किया, वो भी आसिया बीवी के इसी एपिसोड से जुड़ा है. आसिया बीवी का वकील इतना डर गया कि पाकिस्तान छोड़कर भाग गया. उसे लगा, वो मारा जाएगा. जिस माहौल ने बच्चों को जल्लाद बनना सिखा दिया हो, वहां यकीनन बेपनाह नफरत होगी. अब बताइए, मेरी नाउम्मीदी वाजिब है कि नहीं? जिस दुनिया में पांच-छह साल के बच्चे ऐसे खून के प्यासे हो जाएं, वो दुनिया तबाह नहीं तो क्या होगी?


ईसाई महिला को बजरंग दल के 'गुंडों' की ओर से नंगा कर सड़कों पर घुमाने की सच्चाई कुछ और है

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