अमेरिकी बैंक JPMorgan की सीनियर एग्जीक्यूटिव लोर्ना हजदिनी का कथित कॉर्पोरेट सेक्स स्कैंडल में नाम आया है. कंपनी के एक पूर्व पुरुष कर्मचारी ने न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया है. उसने लोर्ना हजदिनी पर उसे ‘सेक्स स्लेव’ की तरह इस्तेमाल करने, जबरदस्ती करने और नस्लीय उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
पुरुष सहकर्मी को 'सेक्स स्लेव' बनाने की आरोपी Lorna Hajdini की कहानी क्या है?
JP Morgan Executive case: JPMorgan की सीनियर एग्जीक्यूटिव लोर्ना हजदिनी न्यूयॉर्क में दायर एक हाई-प्रोफाइल मुकदमे के केंद्र में हैं. ये केस एक पूर्व पुरुष कर्मचारी ने दायर किया है, जिसने महिला पर उसे 'सेक्स स्लेव' की तरह इस्तेमाल करने, जबरदस्ती करने और नस्लीय उत्पीड़न का आरोप लगाया.


शिकायतकर्ता ने अपना असली नाम गुप्त रखकर बदले हुए नाम ‘जॉन डो’ (John Doe) से केस दर्ज किया है. मगर न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट में शिकायतकर्ता की पहचान चिरायु राणा के रूप में हुई है, जो दक्षिण एशियाई मूल के हैं.
जॉन डो के आरोपों ने लोर्ना हजदिनी को चर्चा में ला दिया है. विवाद के बीच 37 साल की लोर्ना हजदिनी ने अपना लिंक्डइन अकाउंट डिलीट कर दिया है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लोर्ना हजदिनी ने JPMorgan में 15 साल बिताए हैं. वो अभी बैंक के लेवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि उनके काम में बड़े कॉर्पोरेट सौदे और बड़े पैमाने पर फाइनेंसिंग शामिल है. उनकी सालाना सैलरी 2 लाख डॉलर (लगभग 1.67 करोड़ रुपये) से ज्यादा है. इसमें बोनस और स्टॉक-आधारित इंसेंटिव भी शामिल हैं.
हजदिनी 2011 में JPMorgan में एक एनालिस्ट के तौर पर जुड़ी थीं. दस साल बाद 2021 में वो एग्जीक्यूटिव बन गईं. रिपोर्ट में बताया गया कि उन्होंने पहले प्राइवेट इक्विटी, टेक्नोलॉजी और रिटेल क्लाइंट्स के लिए सलाहकार के तौर पर काम किया है.
हजदिनी ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनेंस और स्टैटिस्टिक्स में ग्रेजुएशन किया है. उनके एग्जीक्यूटिव करियर को हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में मिली शिक्षा ने शेप दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, वो अपने खाली समय में 'Minds Matter' के लिए वॉलिंटियरिंग करती हैं. ये एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है, जो वंचित युवाओं को कॉलेज जाने का अपना सपना पूरा करने में मदद करती है.
शिकायतकर्ता जॉन डो ने बताया कि वे शादीशुदा हैं, इसके बावजूद लोर्ना ने कई बार उन्हें फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए मजबूर किया. उनका आरोप है कि लोर्ना उन्हें ‘ब्राउन बॉय इंडियन’ बुलाती थीं. कोर्ट में दाखिल केस के मुताबिक, सीनियर महिला अधिकारी ने उन्हें सेक्स स्लेव बनने के लिए मजबूर किया. धमकाती थीं कि अगर जॉन ने उनसे शारीरिक संबंध नहीं बनाए तो उन्हें बर्बाद कर देंगी.
जॉन का ये भी आरोप है कि लोर्ना उन्हें नशीली दवा देती थीं ताकि वो फिजिकल रिलेशन बनाते हुए परफॉर्म कर सकें. कई बार लोर्ना खुद जॉन के घर जातीं. उनसे जबरदस्ती यौन संबंध बनाने की कोशिश करतीं. जब वे इससे इनकार करते तो उन्हें और उनकी बीवी को धमकातीं, नस्लीय टिप्पणी करतीं.
उधर लोर्ना ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, मुकदमे में किए गए दावों में कुछ कमियां भी पाई गई हैं. मसलन, जॉन ने दावा किया था कि हजदिनी उनके बोनस को कंट्रोल करती थीं. मगर असल में वो हजदिनी को रिपोर्ट नहीं करते थे. दोनों 'लीवरेज्ड फाइनेंस' टीम में काम करते थे, लेकिन रिपोर्ट अलग-अलग मैनेजर्स को करते थे.
कहा जा रहा है कि इस एक दावे के गलत होने से मुख्य आरोप को चुनौती मिलती है.
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