पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 3 साल बाद जेल से बाहर आ सकते हैं. पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने जेल के अधिकारियों से कहा है कि इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में एडमिट किया जाए.
इमरान खान के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश आया
Pakistan EX PM Imran Khan health: पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इमरान के स्वास्थ्य की निगरानी करने के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने के लिए भी कहा है.

कोर्ट ने इमरान के स्वास्थ्य की निगरानी करने के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का भी आदेश दिया है. आदेश के मुताबिक, इमरान की निजी डॉक्टर और उनकी बहन डॉ. उजमा खान भी बोर्ड की सदस्य होंगी.
हर हफ्ते परिवार से मिल सकेंगे इमरान खानपाकिस्तानी मीडिया संस्थान डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने सुप्रीम कोर्ट से उन्हें भर्ती किए जाने की मांग की थी. इसके बाद कोर्ट ने ये आदेश दिया है. एक दिन पहले कोर्ट में इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की गई थी. पाक सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि इमरान को हर हफ्ते उनके परिवार से मिलने दिया जाए.
उनके परिवार का काफी समय से आरोप था कि उन्हें इमरान से मिलने नहीं दिया जा रहा है. उन्हें ये भी पता नहीं है कि इमरान किस हाल में हैं. अदालत ने इमरान के वकीलों और परिवार के सदस्यों से भी कहा कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट मीडिया को न दिखाएं, न ही इस मामले का राजनीतिकरण करें.
इमरान खान 3 साल से भी अधिक समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. इस बीच कई बार खबरें आईं कि जेल में उनकी तबीयत बहुत खराब है. कई बार उनकी मौत तक की अफवाहें उड़ाई गईं. वहीं इमरान के डॉक्टर्स और परिवार के सदस्य लगातार आरोप लगाते रहे कि पूर्व पीएम को जेल में प्रॉपर मेडिकल केयर नहीं दी जा रही है.
लेकिन अदियाला जेल प्रशासन ने कहा कि इमरान को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं. मेडिकल अधिकारी दिन में तीन बार उनसे मिलते हैं. उनके खाने की जांच करते हैं और उनके ब्लड प्रेशर, हॉर्ट रेट और ऑक्सीजन लेवल रिकॉर्ड करते हैं.
इमरान की मेडिकल रिपोर्ट बताती है कि डॉक्टर ने 1 अगस्त को बढ़ते-घटते ब्लड प्रेशर, घबराहट, सिरदर्द और बेचैनी की शिकायतों को नोट किया था. इमरान का कहना था कि उन्हें अपनी पत्नी, परिवार वालों और सहयोगियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, न ही उन्हें अखबार या टीवी जैसी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं. इससे वह अधिक तनाव महसूस कर रहे हैं.
इसके बाद डॉक्टर ने इमरान को उनकी पत्नी से मुलाकात करने देने, उन्हें अखबार और किताबें देने की सिफारिश की थी. डॉक्टर ने उनका एंजियोग्राफी कराने और BP की दवा बढ़ाने के लिए भी कहा था. मेडिकल रिपोर्ट में इमरान की आंखों के इलाज का भी जिक्र है. बताया गया है कि आई स्पेशलिस्ट से इलाज के बाद उनका विजन ठीक हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की याचिका और उनकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अब उन्हें हॉस्पिटल शिफ्ट करने का आदेश दिया है.
पूर्व राष्ट्रपति ने इमरान की हालात पर जताई चिंतापाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी इमरान खान की हालत पर चिंता जताई थी. एक्स पर उनकी मेडिकल रिपोर्ट शेयर करते हुए आरिफ अल्वी ने कहा था कि उन्होंने कई एक्सपर्ट्स से इसकी समीक्षा कराई है. इससे पता चलता है कि इमरान मानसिक तनाव, एंग्जायटी और दिल की धड़कन में अनियमितता की समस्या से जूझ रहे हैं. उनका ब्लड प्रेशर भी बहुत बढ़ा हुआ है.
बकौल आरिफ अल्वी, इमरान की मेडिकल रिपोर्ट में नींद की कमी का जिक्र नहीं है. लेकिन उन्हें जो दवाइयां दी जा रही हैं, उनमें इसका डोज भी शामिल है. आरिफ अल्वी के मुताबिक इमरान को कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा भी दी जा रही है. उन्होंने इमरान खान के कार्डियक और स्ट्रेस से जुड़े कई मेडिकल टेस्ट करवाने की भी मांग की थी.
ये भी पढ़ें: हिंदू छात्राओं से बुर्के में डांस करवाया, वीडियो आते ही स्कूल सील, अब मैनेजर माफी मांगते घूम रहे
आरिफ अल्वी सितंबर 2018 से मार्च 2024 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे. वह लंबे समय से इमरान खान के सहयोगी रहे हैं. वह इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के भी शुरुआती सदस्यों में से एक हैं.
वीडियो: दुनियादारीः ट्रंप का किम जोंग उन पर प्यार क्यों उमड़ा? US नॉर्थ कोरिया के साथ क्या करने वाला है










