
छत्तीसगढ़ पुलिस ने इतनी लाठियां मारी हैं कि फिल्म का विरोध करने वाले अब माफी मांगते घूम रहे हैं.
25 जनवरी को फिल्म पद्मावत छ्त्तीसगढ़ में भी रिलीज होनी थी. फिल्म के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे लोगों से सख्ती से निबटने का आदेश दिया था. छ्त्तीसगढ़ पुलिस ने इसी आदेश का पालन किया और 24 जनवरी को ही हंगामा करने वालों पर लाठीचार्ज कर दिया. पुलिस ने हंगामा करने वालों पर इतनी लाठियां मारीं कि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया. इसके बाद 25 जनवरी की सुबह छत्तीसगढ़ के 54 में से 37 थियेटरों में फिल्म रिलीज़ कर दी गई.

छत्तीसगढ़ में शांति के साथ फिल्म रिलीज़ हुई है.
हंगामा करने वाले जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, अब वो लोग पुलिस से माफी मांग रहे हैं. उन लोगों ने पुलिस को पत्र लिखकर माफी मांगी है. पुलिस को आश्वासन भी दिया है कि वो भविष्य में इस फिल्म के खिलाफ किसी तरह का प्रदर्शन नहीं करेंगे. इसके बाद पुलिस ने उन लोगों को जेल से रिहा कर दिया है.

राजपूत संगठनों ने यही पत्र लिखा है और कहा है कि वो अब हंगामा नहीं करेंगे.
अगर छ्त्तीसगढ़ पुलिस की तरह ही और भी राज्यों की पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो बच्चों की बसों पर हमला करने वाले गुंडे जेल में होते. अब भी वक्त है. हर राज्य में ऐसे गुंडे खुलेआम घूम रहे हैं. पुलिस अगर अपना काम ठीक से करेगी, तो इन गुंडों की हिम्मत नहीं होगी कि वो बस पर हमला करें या फिर वो किसी सिनेमा घर को आग लगाएं.
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