फिल्म में एक भी कट लगाए बिना रिलीज कर रहे हैं हिंदुस्तानी फिल्मों को लेकर पाकिस्तान में क्रेज बहुत रहता है. मगर वो पब्लिक की बात है. सेंसर बोर्ड तो वहां भी माइक्रोस्कोप लेकर बैठा रहता है. फिर भी देखिए कि 'पद्मावत' को बिना किसी काटम-कुट्टी के रिलीज करने का फैसला दिया गया है. 'खुदा के बंदों' को फिल्म में कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिसपर आपत्ति की जा सके. पाकिस्तान के लोग मय बीवी-बच्चा, मां-बाप इसे देखने जा सकेंगे. फिल्म को 'यू' सर्टिफिकेट मिला है. यानी, एकदम साफ-सुथरा होने का ठप्पा. हमारे सेंसर बोर्ड ने इसे 'UA' सर्टिफिकेट दिया है. माने, बड़ों की देखरेख में जाएं बच्चे ये फिल्म देखने.

'पद्ममावती' के एक सीन में शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण.
पाकिस्तान मैच्योर निकला, 'आहत' नहीं हुआ वैसे देखा जाए तो पाकिस्तान को भी इस फिल्म से 'आहत' हो जाना चाहिए था. कारण कि 'पद्मावत' में अलाउद्दीन खिलजी को एकदम डरावना टाइप दिखाया गया है. लगता है कि भंसाली ने इस किरदार को एकदम क्रूर जानवर जैसा दिखाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है. इतिहास जानने वाले कहते हैं कि अलाउद्दीन खिलजी ऐसा तो बिल्कुल नहीं था. खैर. खिलजी था सल्तनत काल का बादशाह. मुस्लिम. पाकिस्तान चूंकि इस्लाम से खास मुहब्बत करता है, तो 1947 से पहले के इतिहास में ये सारा टाइम (सल्तनत और मुगल शासन) उसका पसंदीदा है. तो लग रहा था कि शायद पाकिस्तान में भी 'पद्मावत' को बुरे दिन देखने पड़ेंगे. मगर ऐसा हुआ नहीं.
हमारे यहां का हाल देखिए, बवाल खत्म ही नहीं हो रहा है पाकिस्तान की इस खबर के बाद अब अपने मुल्क का हाल देखिए. यहां के लोग आहत हो-होकर दंगाई बने हुए हैं. समझ नहीं आ रहा कि कौन सी आफत आ गई है. सिनेमा को जीने-मरने का सवाल बना दिया है. जाने कौन सी इनकी संस्कृति को चोट पहुंच रही है और कौन सा सम्मान बहा जा रहा है. इतने पागल हो गए हैं कि स्कूली बच्चों पर पत्थर फेंक दिया. जितनी नीचता हो सकती है, सब दिखाने पर तुले पड़े हैं. आतंक मचाया हुआ है. इस लिहाज से देखें, तो भारत और पाकिस्तान में जमीन-आसमान का फर्क दिख रहा है. उनका रवैया देखो और हमारी हरकतें देखो. उनके लिए ताली बजनी चाहिए और हमारी तो थू-थू हो ही रही है.
ये भी पढ़ें:
पद्मावत फ़िल्म रिव्यू
बच्चों की बस पर पत्थर चलाने वालों को मैं राजपूत नहीं तालिबानी कहूंगा
'मैं एक राजपूतनी हूं और आज मुझे इस बात पर शर्म आ रही है'
'दीवार' में अमिताभ के इस सीन के डायलॉग सलीम-जावेद ने लिखे ही नहीं थे
अपनी अगली फ़िल्म में 19 साल के लड़के का रोल निभायेंगे सलमान खान












