
हरनिश पटेल
पुलिस का मानना है कि गाड़ी से उतरते ही उनका सामना हत्यारे से हुआ होगा. हालांकि अभी किसी भी तरह का सबूत हाथ नहीं लगा है. एक तरफ जहां लोग इसे उग्र राष्ट्रवाद से जोड़ रहे हैं, वहीं इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर बैरी फैल का कहना है इस मामलें में रेसिज्म जैसा कोई फैक्टर नहीं है.
गोली लगने से सिर्फ 10 मिनट पहले ही वो स्टोर बंद कर अपनी सिल्वर कलर की मिनी वैन में घर के लिए रवाना हुए थे. गूगल मैप के मुताबिक हरनिश का स्टोर ‘स्पीडी मार्ट’ घर से करीब चार मील दूर है. माना जा रहा है, घर के यार्ड में पहुंचते ही एक अंजान शख्स सामने आया जिसने चेहरे पर नकाब डाला हुआ था. उसने गोली मार कर हरनिश की हत्या कर दी. शेरिफ बैरी ने हरनिश के पड़ोसियों को हिदायत देते हुए कहा कि जैसे ही उन्हें घर, स्टोर या उसके रास्ते में कुछ दिखे वो तुरंत पुलिस को इन्फॉर्म करें.विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस घटना की निंदा की है. डोनाल्ड ट्रंप को सत्ता में आए चार महीने भी नहीं हुए और अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों पर हमलों की घटनाओं में इजाफ़ा हुआ है. पिछले 10 दिनों में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं. पहले एक इंजीनियर, फिर एक सिख और अब एक बिज़नेसमैन.
‘अब की बार ट्रंप सरकार’ ये नारा बार-बार भारत में सुना गया. भारत में मौजूद ट्रंप समर्थक क्या अब भी ट्रंप के राष्ट्रवाद के साथ खड़े होंगे?
(आस्था आदर्श ने यह स्टोरी की है.)












