ढंग के खाने से महरूम है एक तिहाई पाकिस्तान
ऐसा हम नहीं, पाकिस्तान के नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल की रिपोर्ट कह रही है.
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फोटो क्रेडिट: Reuters
डॉक्टर पर जब भी जाते. वो हर बार कहता, बेटा पौष्टिक खाना खाओ. सेहत बनेगी. हमने खाया या नहीं खाया. ये इश्यू नहीं है. इश्यू जे है कि पाकिस्तान में तीन में से एक को पौष्टिक खाना नहीं मिलता. ऐसा हम नहीं, पाकिस्तान के नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल की रिपोर्ट कह रही है. फाइनेंशियल ईयर 2013-14 की रिपोर्ट है. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में फाइनेंस मिनिस्टर इशाक दार ने ये रिपोर्ट पेश की. इसके पीछे वजह बताई गई कि एग्रीकल्चर सेक्टर में बीते कुछ सालों से परफॉर्मेंस अच्छी नहीं रही. लोगों को पौष्टिक खाना मिले भी तो कैसे. पाकिस्तान में गेंहू की कीमत इंटरनेशनल मार्केट से 30 से 40 फीसदी ज्यादा है. इशाक दार कहते हैं एग्रीकल्चर ग्रोथ को अगर गरीबों को ध्यान में रखकर बनाया जाए तो ज्यादा सही रहेगा. कुछ इकोनॉमिस्ट मानते हैं कि सरकार मुद्दे को हल्के में ले रही है. डॉन न्यूज के मुताबिक, लोगों को न्यूट्रिशियस खाना पहुंचाने का परफेक्ट इंतजाम करने में कई दिक्कतें रहीं. मसलन एनर्जी, सिक्योरिटी, पानी की सप्लाई और काबिल मजदूरों की कमी. वजह चाहे जो भी हो एक तिहाई पाकिस्तान पौष्टिक खाने से महरूम है.
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