'भाजपा ने मेनिफेस्टो लॉन्च किया है.'
साथ में अटैच है एक लिंक. कांग्रेस के मुताबिक इस लिंक में 'भाजपा का मेनिफेस्टो है." ट्विटर पर कुछ लोग समझे, तो कुछ हैरान थे. भला कांग्रेस क्यों बीजेपी का मेनिफेस्टो शेयर करनी लगी? खैर, अप्रैल फूल के दिन शेयर हुआ है तो कलोल तो होगी ही.

कांग्रेस ने बीजेपी की मौज लेने के लिए ट्वीट किया है. ये है उस डॉक्यूमेंट का पहला पेज.
पहले पेज पर तीन एलीमेंट हैं. टेक्स्ट, भाजपा का चुनाव निशान कमल और पीएम की एक तस्वीर. पहले बात टेक्स्ट की. बीजेपी को नया नाम दिया है. भारतीय जुमला पार्टी. इसके बाद मोदी सरकार की लाइन- एक भारत, श्रेष्ठ भारत को बदलकर कर दिया गया है- एक भारत, बेरोज़गार भारत.
प्रधानमंत्री की तस्वीर तो आप देख ही रहे हैं. इन सब के बाद कमल को उलट दिया.
ये तो बात थी बाहरी पेज की. अब जान लीजिए भीतरी पन्नों में क्या लिखा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की टैगलाइन थी ''अच्छे दिन आने वाले हैं''. इस बार कांग्रेस इस लाइन पर मौज ले रही है. कांग्रेस ने नारे को बदल दिया है. इसे लिखा है - अच्छे दिन आएंगे, 'कभी ना कभी'
कांग्रेस ने इस मेनिफेस्टो-कम-मौज को 4 हिस्सों में बांटा है- हमारी शपथ, प्रस्तावना, हमारे वादे और निष्कर्ष.

भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा गया है कि देश में कुछ चीजें सबसे पहले भाजपा ने दी हैं, जैसे प्रधानमंत्री, ब्लॉग मिनिस्टर वगैरह-वगैरह.
शपथ वाले हिस्से में कांग्रेस ने सरकार से अपनी लगभग सारी शिकायते या यूं कहें कि सभी आरोप लगा दिए हैं.
इसके बाद मोदी के 'मैं भी चौकीदार' को निशाना बनाया. कांग्रेस ने लिखा 'मैं भी चौकीदार' अभियान का मकसद है सभी भगौड़ों को सुरक्षा देना, सभी डिक्शनरीज़ में बेरोज़गार शब्द को चौकीदार शब्द से बदलना और डेटा के साथ छेड़छाड़ करने के साथ रिपोर्ट्स को छुपाना.
इसके बाद प्रस्तावना में मोदी और टीम की मौज ली है. नए डेज़ीग्नेशन दिए हैं. मोदी को भारत का पहला प्रधानमंत्री बताया है. कहा कि इससे पहले आजाद भारत का कोई अस्तित्व ही नहीं था. अरुण जेटली को ब्लॉग मंत्री और मोदी सरकार को री- नेम सरकार बताया है.
एक लाइन और जोड़ी गई है. ये कांग्रेस की नज़र में भविष्य की संभावनाएं हैं. लिखा गया है कि
'अगर दोबारा मौका दिया जाता है तो जनता को तानाशाही और खराब हालात मिलेंगे.'

नेहरू की एंट्री यहां भी हो गई. बाकी, कई वादों के ज़रिए भाजपा पर चोट की गई है.
इसके बाद लगी वादों की झड़ी
वादों में जिक्र है नेहरू का. मीडिया रेगुलेशन सेक्शन में लिखा गया है कि चिंता को दूर करने और हर बात का इल्ज़ाम नेहरू पर डालने की कुव्वत रखने वाले खास प्रवक्ता नियुक्त किए जाएंगे.
बेरोज़गारी के मामले में 45 साल का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद 70 साल का रिकॉर्ड तोड़ा जाएगा.
मेक इन इंडिया में रफाल की ओर इशारा करते लिखा गया है कि भारतीयों के लिए नौकरियों को विदेशी कंपनियों को सौंप देना.
शिक्षा में डिग्रियां फर्ज़ी होगीं. सिर्फ एक कोर्स ज़रूरी होगा- फेकुइस्ज़म मतलब फेंकने की बीमारी. ;)
इसके बाद आता है निष्कर्ष
निष्कर्ष में लिख गया है लक्ष्य- लक्ष्य है सबसे बड़े चोर को चौकीदार बनाना और उसके फ्रॉड मित्रों को देश से भगाना.

कांग्रेस का निकाला निष्कर्ष भी पढ़ लीजिए.
चूंकि आज अप्रैल फूल है इसलिए कांग्रेस कमल के फूल पर निशाना साध रही है और कह रही है कि इस फूल ने जनता को Fool (मूर्ख) बनाया है.
वीडियो- टिकट कटने से नाराज भाजपा सांसद अंशुल वर्मा ने दिया पार्टी से इस्तीफा












