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'सबको सुरक्षा नहीं दे सकते', नूह हिंसा पर सीएम खट्टर का बयान, ममता बनर्जी ने क्या कहा?

सीएम खट्टर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे. लेकिन साथ में ये भी कह गए कि कोई इसकी (मतलब शांति) की गारंटी नहीं दे सकता, ना पुलिस, ना आर्मी.

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नूह हिंसा पर क्या-क्या बोले सीएम खट्टर. (तस्वीर - आजतक)

हरियाणा के नूह में सांप्रदायिक दंगे करने वालों को हिंसा से हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी. राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार, 2 अगस्त को ये बात कही. दंगों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दंगे में तोड़फोड़ करने और दूसरे नुकसान के लिए जिम्मेदार दंगाइयों से भरपाई करवाई जाएगी. सीएम ने कहा कि दंगाइयों की पहचान की जाएगी और उनकी निजी संपत्ति से भरपाई होगी. हालांकि लोगों की सुरक्षा को लेकर उनकी एक बात पर विवाद हो सकता है.

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क्या बोले सीएम खट्टर?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम खट्टर ने कहा,

"मैं किसी भी कीमत पर प्रदेश की शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगड़ने नहीं दूंगा. नूह की घटना के हर एक अपराधी को कानून के माध्यम से उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. और वहां हुए हर एक नुकसान की भरपाई दंगाइयों से ही होगी और उन्हीं से उसकी वसूली भी करवाई जाएगी."

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सीएम के बयान से पहले बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने भी उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई की बात कही थी. उन्होंने कहा,

‘उपद्रवियों की ईंट से ईंट बजा देनी चाहिए. ऐसे लोगों को बख़्शा नहीं जाना चाहिए. दंगों में वहां के लोगों का जितना भी नुकसान हुआ है, इसकी भरपाई दंगाइयों से की जानी चाहिए. ये एक्शन निश्चित रूप से लिया जाना चाहिए. वर्ना ये लोग आगे फन फैलाते रहेंगे. ये दंगाई बाहर से आते हैं, और दंगा कर छोटे-छोटे बच्चों को उकसाते हैं, 17-22 साल के बच्चों को. ऐसे दंगाइयों को देश में कहीं जगह नहीं मिलनी चाहिए. इन लोगों पर उत्तर प्रदेश जैसा फॉर्मुला आज़माना चाहिए.’

हालांकि मुख्यमंत्री खट्टर ये भी कह गए कि सरकार हर किसी को सुरक्षा नहीं दे सकती. वो लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे. लेकिन साथ में ये भी कह गए कि कोई इसकी (मतलब शांति) की गारंटी नहीं दे सकता, ना पुलिस, ना आर्मी. सीएम ने कहा,

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"हम हर किसी को सुरक्षा नहीं दे सकते."

ममता बनर्जी का रिएक्शन

हरियाणा के सीएम के बयान बंगाली की सीएम ममता बनर्जी का रिएक्शन आ गया. इंडिया टुडे के मुताबिक टीएमसी प्रमुख ने कहा,

"मैं उनके बयान की सराहना करूंगी. हां, ये सच है कि सरकार हर व्यक्ति की सुरक्षा नहीं कर सकती. लेकिन किसी सरकार को जाति और समुदाय के आधार पर लोगों को भड़काना भी नहीं चाहिए."

बहरहाल, सीएम खट्टर ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार लोगों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है. इसके आधार पर बाकी दोषियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा. खट्टर ने कहा था कि पुलिस किसी भी दोषी को नहीं बख़्शेगी. सरकार कॉल रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर दंगाइयों की पहचान करने में जुटी हुई है.

अब तक 116 गिरफ्तारियां

बीती 31 जुलाई को नूह के मेवात में एक धार्मिक यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच टकराव हुआ था. तब से शुरू हुई हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें दो होमगार्ड्स और चार आम नागरिक शामिल हैं. इनके अलावा 20 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है.  

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस-प्रशासन राज्य के हालात पर काबू पाने का दावा कर रहे हैं. दंगों को लेकर अब तक पुलिस ने 29 FIR दर्ज की हैं. 116 आरोपियों को अरेस्ट भी कर लिया गया है. नूह, पलवल, मानेसर, सोहाना और पटौदी में इंटरनेट बंद कर दिया गया है. 16 अर्धसैनिक बल और 30 हरियाणा पुलिस कंपनियां नूह में तैनात हैं. RAF ने कई जगहों पर फ्लैग मार्च निकाला. कई शांति समिति बैठकें की गईं.

हिंसा को लेकर सीएम खट्टर ने एक समीक्षा बैठक की है. इसके बाद उन्होंने कहा कि नूह हिंसा एक 'बड़ी साजिश' का हिस्सा लगती है. वहीं हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज का दावा है कि ये हिंसा 'नियोजित' थी. उन्होंने कहा,

'किसी ने इसकी साजिश रची है. लेकिन मैं किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा हूं. हम इसकी जांच करेंगे और हर जिम्मेदार व्यक्ति को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा.'

नूह के अलावा गुरुग्राम और पलवल से भी हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. पलवल जिले में भीड़ ने परशुराम कॉलोनी में 25 से अधिक झोपड़ियों में आग लगा दी. हालांकि, पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस आगजनी में किसी को भी चोट नहीं आई है.

वीडियो: नूंह मेवात हिंसा पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने क्या कहकर चौंका दिया?

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