हरियाणा के नूह में हुई हिंसा के बाद से जारी बुलडोजर की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार, 7 अगस्त को ये आदेश जारी किया है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक नूह में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन की बेंच ने स्वयं संज्ञान लिया. बेंच ने इस मामले में हरियाणा सरकार को एक नोटिस भी जारी किया है. और उससे इस कार्रवाई को लेकर जवाब देने को कहा है.
नूह में बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट ने ब्रेक लगाया, कहा- नहीं होगी तोड़फोड़!
नूह में अब तक 162 स्थाई और 591 अस्थाई निर्माण गिराए जा चुके हैं


नूह में जिन इमारतों से हिंसा के दौरान कथित तौर पर पत्थर चले थे, उनसे जुड़े अवैध निर्माणों पर ये बुलडोजर कार्रवाई हो रही थी. प्रशासन के मुताबिक ये कार्रवाई सीधे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आदेश पर की जा रही थी.
आजतक से जुड़े सतेंदर चौहान की रिपोर्ट के मुताबिक नूह के पुन्हाना, पिंगनवा, नगीना, टौरू और फिरोजपुर झिरका में अर्धसैनिक बल और पुलिस की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई की गई. नूह में अब तक 37 जगहों पर 57.5 एकड़ जमीन से अवैध निर्माण हटाए गए हैं. इनमें से 162 स्थाई और 591 अस्थाई निर्माण थे. अधिकारियों के मुताबिक इन इमारतों से दंगाइयों ने पथराव किया था. ऐसी इमारतों की पहचान हरियाणा पुलिस ने की है.
ये सब नूह-मेवात में 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा में हिंसा के बाद से शुरू हुआ. तब यात्रा पर पथराव किया गया. देखते ही देखते यह विवाद दो समुदायों के बीच हिंसा में बदल गया. सैकड़ों कारों को आग लगा दी गई. साइबर थाने पर भी हमला किया गया. हिंसा में 2 होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी.
हिंसा के बाद से अब तक पूरे हरियाणा में करीब 104 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें से कई केस सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने के लिए दर्ज हुए हैं. पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से अब तक करीब 216 लोगों को अरेस्ट किया है और 83 लोगों को हिरासत में लिया गया है. नूह, भिवानी सहित हरियाणा के 10 जिलों में धारा-144 लागू है.
इस मामले में डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि यात्रा आयोजकों ने जिला प्रशासन को यात्रा के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी और इस वजह से ये घटना हुई. उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
31 जुलाई को नूह में आयोजित वीएचपी की जलाभिषेक यात्रा पर दुष्यंत चौटाला ने कहा,
''यात्रा के आयोजकों ने पूरा ब्यौरा प्रशासन को नहीं दिया था कि कितने लोग आएंगे. कहीं न कहीं उसकी कमी के कारण ये दुर्घटना हुई. मैं सबसे यही आग्रह करूंगा कि शांति बनाए रखें.''
दुष्यंत चौटाला से मोनू मानेसर और मामेन ख़ान पर सवाल पूछा गया तो वो बोले, ''जो भी लोग हैं, जो इसमें शामिल थे उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. वो किसी भी पार्टी से हों या किसी भी समाजिक संस्था से जुड़े हों. जिसने उकसाया है और डिजिटली जिसके खिलाफ सबूत मिले हैं, उस पर कार्रवाई की जाएगी.''
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