मिर्च मसाला, रंग दे बसंती, सिटी ऑफ जॉय, गांधी, मंडी और ऐसी ही तमाम फिल्मों को अपनी अदाकारी से सजाने वाले अभिनेता ओम पुरी हमारे बीच नहीं रहे. 6 जनवरी, शुक्रवार सुबह हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई. पद्मभूषण से सम्मानित ओम पुरी 18 अक्टूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में पैदा हुए थे. ओम पुरी ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत मराठी नाटक पर आधारित फिल्म घासीराम कोतवाल से की थी. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक वक्त वो था जब देश के लोग उनको उस बात के लिए ट्रोल का रहे थे, जो ओम पुरी के कहने का मकसद ही नहीं था. मगर जब उन्हें खुद को लगा कि इस बात का गलत मतलब निकाला जा रहा है तो उन्होंने ऐसी इंसानियत दिखाई की सबकी ज़बानों पर ताला लगा दिया. तो जानिए क्या हुआ था उनके साथ.
माफ़ी मांगकर शहीद की फैमिली का हिस्सा बन गए थे ओम पुरी
आज ये अदाकार दुनिया से रुखसत हो गया. जानिए किस तरह उन्होंने ट्रोलबाजों की ज़बानों पर ताला लगा दिया था.


साल 2004 में आई 'देव' फिल्म के म्यूजिक लांच के मौके पर ओम पुरी अमिताभ बच्चन और अमरीश पुरी के साथ. Source Reuters
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ओम पुरी एक टीवी चैनल की डिबेट में शामिल थे. एंकर से बहस हो गई. इस दौरान वो एक BSF जवान के खिलाफ बोल गए थे. ओम पुरी ने कहा था, किसने उस सैनिक को बॉर्डर पर जाने के लिए कहा था. जिसके बाद उनकी बहुत लानत-मलानत हुई थी. हालांकि इसके बाद इस बात के लिए उन्होंने माफी भी मांग ली थी. लेकिन ये ये अदाकर अपनी गलती सुधारने के लिए माफ़ी पर ही नहीं रुका और ओम पुरी शहीद के घर जा पहुंचे थे. सिर्फ इसलिए ताकि उस परिवार से माफी मांग सकें, जिस शहीद के बारे में वो गलत बोल गए थे.
ओम पुरी ने अपनी गलत बयानी पर कहा था, 'अगर मैं किसी और देश में होता, तो मेरे हाथ-पैर काट दिए गए होते.' उनके माफी मांगने के बाद शहीद के परिवार वालों ने उन्हें माफ भी कर दिया है. पूरा मामला ये था कि बारामूला आतंकी हमले में शहीद नितिन यादव 2 अक्टूबर को पाकिस्तान की ओर से अचानक की गई गोलीबारी में शहीद हो गए थे.
जिसके बाद मशहूर एक्टर ओम पुरी ने उसी दिन एक टीवी चैनल की डिबेट में कहा था कि शहीद जवान को किसने कहा था फ़ौज में भर्ती होकर गोली खाने के लिए... इस पर उनकी बहुत आलोचना हुई थी. हालांकि इसी डिबेट में ओमपुरी ने ये भी कहा था कि शहीद होने वाले जवानों पर उन्हें और देश को फख्र है. पर जैसा कि सभी जानते हैं, लोग टांग खींचने वाली बात लेकर उड़ जाते हैं. बाकी पूरी बात से उनको क्या मतलब?जब ओम पुरी को इस बात का एहसास हुआ कि उनसे बड़ी गलती हो गई है, जिससे शहीद के घर वालों को ज़रूर दुःख पहुंचा होगा तो परेशान हो गए. और माफी मांगने शहीद के घर पहुंच गए. उन्होंने शहीद के परिवार से माफी तो मांगी ही, साथ ही साथ शहीद को नमन करने उनके स्मारक पर भी गए.
इस मौके पर शहीद के घर पर मजमा जुटा हुआ था. ओम पुरी ने शहीद के पिता को गले लगाया और रोये भी. ओम पुरी ने इसके बाद शहीद के पिता से फैमिली मेंबर बनने की रिक्वेस्ट की. जिसे शहीद के पिता ने एक्सेप्ट भी कर लिया.
ओमपुरी ने इस मौके पर कहा था, 'मैंने बहस के दौरान शहीद का जो अपमान किया था, वो मेरे दिल का नहीं था. लेकिन, उस दिन से मेरा दिल विचलित था. अगर किसी और देश में होता, तो मेरे हाथ और सिर कटवा दिया गया होता, लेकिन गनीमत है, अपने देश में ऐसा कानून नहीं है, इसलिए मैंने अपने एक आर्य समाज के विद्वान मित्र के कहने पर गांव आकर पश्चाताप और मन की शांति के लिए यज्ञ करने का फैसला किया और मैं यहां आया.'शहीद के एक फैमिली मेंबर जैराम सिंह यादव ने बताया था, 'ओमपुरी जी आज हमारे घर पश्चाताप करने और मन की शांति के लिए यज्ञ करने आये थे और माफ़ी मांगने के लिए हम लोगों ने उनको अपना फैमिली मेंबर मानते हुए माफ़ कर दिया है.

शहीद की शांति के लिए हुए यज्ञ में शामिल हुए थेओम पुरी. Source Indian Express
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ऐसा माहौल बना था कि पाकिस्तानी अदाकारों को उनके मुल्क वापस भेजने की रट लगाई जा रही थी. इन लोगों के जैसा न बोलने की वजह से सलमान खान, करण जौहर और महेश भट्ट जैसे कलाकारों को ट्रोल किया गया था.
टीवी पर हुई बहस के बाद ओम पुरी खबरों में छाए रहे. लेकिन हर जगह बस यही बताया गया कि ओम पुरी ने सैनिकों की शहादत का अपमान कर दिया. कहा गया कि उन्होंने किसी से सेना में नहीं जाने के लिए कहा है. जबकि ये अधूरी बात थी. ओम पुरी ने चीख-चीखकर कहा कि उन्हें सैनिकों की शहादत पर गर्व है और वो सेना को सलाम करते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि भारत-पाकिस्तान को इजरायल-फिलिस्तीन जैसा न बना दिया जाए.
अगर आप भी अभी तक अधूरी खबरें पढ़कर अपना खून खौला रहे थे तो जरा सांस लीजिए और पूरी बात जानिए. क्या हुआ था उस बहस में.
जब एंकर ने ओम पुरी से पूछा कि पूरा देश सेना के पीछे एक साथ क्यों नहीं खड़ा है, तो उन्होंने कहा था, 'फौज को हमारी जरूरत नहीं है. पहली बार भारत ने पाकिस्तान को बता दिया कि हम सिर्फ भौंकते नहीं हैं, काट भी सकते हैं. अभी तक किसी की इतनी पॉलिटिकल इच्छा-शक्ति क्यों नहीं थी? खुशी मनाओ कि हमारी सेना और जनता का मनोबल ऊंचा हुआ है. हम नपुंसक नहीं हैं. हम काटने में विश्वास नहीं रखते, लेकिन कुछ गलत होगा तो बार-बार काटेंगे. हमें अपनी आर्मी पर फख्र है.'

डिबेट में ओम पुरी ने कुछ संजीदा बातें भी कही थीं.. वो बोले, 'क्या आप चाहते हैं कि भारत-पाकिस्तान इजरायल और फिलिस्तीन जैसे बन जाएं और सदियों तक लड़ते रहें? ये देश का नहीं परिवारों का विभाजन है. हिंदुस्तान में 22 करोड़ मुस्लिम हैं. उधरवालों के रिश्तेदार इधर रहते हैं और इधरवालों के रिश्तेदार उधर रहते हैं. ये तुम लोगों ने क्या सलमान-सलमान लगा रखा है.'
जब उनसे पूछा गया कि फिल्म इंडस्ट्री एक सुर में पाकिस्तानी आर्टिस्ट्स का बायकॉट क्यों नहीं कर रही है तो ओम ने कहा था, 'सरकार से कहिए कि उनका वीजा कैंसल करें. मैं मजदूर आदमी हूं, कोई स्टार नहीं. मैं काम करूंगा. एक हफ्ते से और कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है आपको. 22 करोड़ मुस्लिम हैं देश में. भड़काओ मत उन्हें. आप लोग पता नहीं कैसी-कैसी फिल्में बनाकर पाकिस्तान पर थूकते हो बेशर्मों. मैंने जो काम किया, मुझे उस पर गर्व है'.
यहां तक आते-आते डिबेट चीखने-चिल्लाने पर पहुंच गई थी और बवाल भी यहीं से शुरू हुआ.
ओम से पूछा गया कि 30 हजार की सैलरी वाला सैनिक सीमा पर जान देता है और देश के अंदर पाकिस्तान से बात करने के लिए कहा जाता है. इस पर ओम ने कहा था, 'हमने उसे फोर्स किया था फौज में जाओ? मेरा भी बाप फौज में था. बर्मा में लड़ा था. हमें गर्व है अपने जवानों पर, लेकिन जिस चीज पर आप बहस कर रहे हैं वो बहस का मुद्दा है ही नहीं.'
इस बहस में कर्नल वीएन थापर (रिटा.) और MNS नेता वागीश सारस्वत भी थे. चैनल पर डिबेट नहीं, थेथरई हो रही थी. जब ओम पुरी से बात खत्म करने को कहा गया तो उन्होंने कहा, 'आप एक काम कीजिए. आप 10-15-20 जितने भी हिंदुस्तानी तैयार कर सकते हैं, जो अपने शरीर पर बम बांधकर पाकिस्तान जाकर कुछ उड़ा आएं, उन्हें तैयार कर लीजिए. धन्यवाद.' खीझ में इतना बोलकर ओम पुरी बहस से उठ गए और एंकर चीखने लगा कि om puri फिदायीन की भाषा बोल रहे हैं.
बहस के दौरान तो वागीश और कर्नल थापर ओम पर चीखे ही थे, इसके बाद अनुपम खेर ने भी एक ट्वीट ठोंका.

अब आप खुद सोचिए. आपको किस तरह झूठ परोसा गया. असल में ओम पुरी ने क्या कहा था. अभी भी शक हो, तो ये रही पूरी डिबेट, देख लो..
https://www.youtube.com/watch?v=jIv15V78z1Qये भी पढ़ें:
बेचारा करण जौहर प्रेमी आदमी है, तुम बुलीज़ से हार गया है!
अनुराग कश्यप ने एक और बम मारा है और सब धुआं साफ हो गया है
पाकिस्तानी एक्टर्स के सपोर्टर्स को मेजर गौरव आर्य का जवाबये कांग्रेसी बोला है कि सर्जिकल स्ट्राइक करो, बकैती नहीं
पाकिस्तानियों को भगाने वालों, सेंधा नमक चाटना भी छोड़ दो!
इंडिया में काम करने पर किया था कमेंट, पाक एक्ट्रेस माहिरा ने धो डाला
भारत-पाकिस्तान पर सबसे अलग हटकर बात आजम खान ने कही है











