हम भी रह गए थे. जब मालूम चला कि नोकिया 301 फोन एक आदमी की जान बचा ले गया. बात अफगानिस्तान की है. जहां एक आदमी को नोकिया फोन ने सीने में गोली लगने से बचा लिया. गोली चली तो अपने निशाने पर, लेकिन लास्ट मोमेंट पर थोड़े से चूक गई. और गोली आदमी को लगने के बजाए उसकी जेब में रखे नोकिया फोन में जा लगी. फोन इतना स्ट्रॉन्ग कि गोली उसी में जा धंसी. फोन की फोटू पीटर स्किलमैन नाम के एक आदमी ने ट्वीटर पर डाली.

जिन्होंने उस टीम के साथ काम किया है जिसने बुलेट प्रूफ फोन बनाया था. अभी वो माइक्रोसॉफ्ट में बतौर मैनेजर काम करते हैं. स्किलमैन के फोन की फोटू डालने के बाद और लोगों ने भी फोटुएं डालीं.

पहले सीआईडी का दया दरवाजा तोड़ता था और अब नोकिया का फोन.

शील्ड की जगह नोकिया के फोन को बतौर शील्ड इस्तेमाल में लाया जा सकता है.

और भी किस्से हैं नोकिया की चमत्कारी के
ये पहली दफा नहीं है जब नोकिया के फोन ने किसी की जान बचाई है. साल 2014 में नोकिया के लुमिया 540 मॉडल ने ब्राजील के एक पुलिस वाले को गोली लगने से बचाया था. इस हादसे में उसका फोन चकनाचूर हो गया. इसके अलावा आईफोन 5c और HTC Evo 3D भी अपने मालिकों की जान बचा चुके हैं. लेकिन आज के स्मार्टफोन तो जान बचाने के बजाए धमाके करते हैं.आपको याद हो तो, नोकिया के पुराने हैंडसेट हम भाई-बहनों के सर फोड़ने के काम में लाते थे. गुस्सा निकालने के लिए दीवार पर दे मारते थे. फिर भी नासपीटा कहीं का, टूटता ही नहीं था. उल्टा नुकसान दीवार का ही हो जाता था. इतना स्ट्रॉन्ग होता कि घर के मसाले भी उससे कूटे जा सकते थे. कपड़े धुलने के लिए थापी बना सकते थे. पर अफसोस अब वो आता ही नहीं. लेकिन जो प्रोडक्ट अभी नोकिया का मार्केट में है वो आपको गोली से बचाता है.














