मौलाना इलियासी लुधियाना की जामा मस्जिद में ये बात कहे. कल की बात है. पीओके में घुसकर टेररिस्ट्स के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए सेना और सरकार की तारीफ की. ये भी कहा कि ये सिलसिला रुकना नहीं चाहिए. तब तक जब तक के टेररिज्म को जड़ से नहीं उखाड़ दिया जाता. इंडिया ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि अब वो आतंकवाद को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा.एक बात ये भी कही कि पाकिस्तान के साथ सभी तरह के रिश्ते तोड़ देने चाहिए. बोले- पाकिस्तान न भूले कि उसे सबक सिखाने के लिए भारत के 25 करोड़ मुसलमान ही काफी हैं. जो सैनिक सर्जिकल स्ट्राइक में गए थे उनके लिए मौलाना ने राष्ट्रपति मेडल की मांग की. कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को भी खूब धोया. कहा, दिल्ली से जो सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर गया था. उसमें शामिल कुछ नेताओं को अलगाववादी नेताओं से मिलने के लिए ही नहीं जाना चाहिए था. मौलाना इलियासी ने कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है और उसे वापस लिया जाना चाहिए.
आतंकियों को दफनाने के लिए न जमीन देंगे, न नमाज पढ़ेंगे
मौलाना ने सेना और सरकार की तारीफ की, कश्मीर के अलगाववादी नेताओं और पाकिस्तान को खूब धोया.
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फोटो - thelallantop
ऑल इंडिया इमाम कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक बयान दिया है. इनका नाम है मौलाना उमर इलियासी. इनकी ओर से तमाम इमामों को कहा गया है कि सरहद पार से आने वाले किसी भी आतंकवादी को न तो भारत की जमीन में दफनाया जाए. और ना ही उसके जनाजे की नमाज कोई इमाम अदा करे.
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