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अगर आतंकी अपने इन मंसूबों में भी कामयाब हो जाता तो दुनिया दहल जाती

2 साल से हमले की तैयारी कर रहा था, एक दिन में 49 को मारा, मंसूबे और भी खतरनाक थे.

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मस्जिद पर हमला करने वाला आतंकी बैरंट ट्रैंटन
न्यूजीलैंड के साउथ आइसलैंड सिटी की दो मस्जिदों में फायरिंग में 49 लोगों की मौत हो चुकी है. क्राइस्टचर्च में अल नूर मस्जिद के पास ये हमला हुआ. न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे आतंकवादी हमला कहा है. साथ ही इसे न्यूजीलैंड के इतिहास में काला दिन बताया है. हमला करने वाले आतंकी ब्रैंटन टैरंट ने इसके लिए बाकायदा पूरा खाका तैयार किया था. मौके पर जाकर रेकी की थी. उसने इन दो मस्जिदों के अलावा एक और मस्जिद पर हमले की तैयारी की थी. लेकिन वो ऐसा करने में सफल नहीं हो पाया. उसने 74 पेजों का एक मैनिफेस्टो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था. इस हमले से हर कोई दहशत में है. कई सवाल भी उठ रहे हैं. जिनमें से एक ये भी है कि उसके निशाने पर और कौन-कौन लोग थे?
आतंकी युरोप के कुछ बड़े लोगों को भी मारना चाहता था. उसने बाकायदा इन लोगों की लिस्ट भी बना रखी थी. इसमें जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन और लंदन के मेयर सादिक खान का भी नाम है. साथ ही इन लोगों के बारे में नफरत और घृणा से भरी भड़काऊ टिप्पणियां भी हैं.
क्या लिखा है आतंकी ने
"हमारे देश के दुश्मन जाने माने लोग हैं. हमारी नस्लों के ये दुश्मन हमारे बीच से सिर उठाकर चलते हैं. उन्हें लगता है कि कोई उन्हें हाथ नहीं लगा सकता. लेकिन जल्द ही उन्हें ये पता चल जाएगा कि वास्तव में वो कितनी गलतफहमी में जी रहे थे. गद्दारों की मौत गद्दारों की तरह ही होगी. कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसमें 3 साल लग जाए या 30 साल. इन लोगों को हमारी नस्लों पर घृणित हमले की भरपाई करनी होगी. यह किसी भी तरीके से हो. चाहे ड्रोन से विस्फोटक बांधकर ले जाया जाए. या मोटरसाइकिल पर बैग में लटकाकर. या फिर सीमेंट भरे ट्रकों के काफिले से घात लगाकर हमला किया जाए. कोई भी तरीका, जो इन धोखेबाजों को उनके किए की सजा देता हो. वो सही है. उसे प्रोत्साहित करना चाहिए. जहां चाह है, वहां राह है.
एंजेला मर्केल मर्केल इस लिस्ट में टॉप पर है. क्योंकि वो सभी एंटी-व्हाइट और एंटी-जर्मन विचारों को बढ़ाती है. कुछ लोगों ने यूरोप को नुकसान पहुंचाने के लिए और यहां के लोगों की नस्लों को साफ करने के लिए बहुत अधिक काम किया है.
एर्दोगन एर्दोगन हमारे लोगों के सबसे पुराने दुश्मनों का नेता है. वह यूरोप में सबसे बड़े इस्लामिक ग्रुप का भी नेता है. इसकी मौत तुर्क आक्रमणकारियों पर एक कील की तरह होगी. जो हमारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं. इससे युरोपियन लोग इलाके पर तुर्की कब्जे को कमजोर कर सकेंगे.
सादिक खान जब मैं यह लिख रहा हूं. उस समय सादिक खान लंदन का मेयर है. यह खुला संकेत है. ब्रिटिशों की जमीन पर ब्रिटिशों को ही रिप्लेस करने का. यह पाकिस्तानी मुसलमान आक्रमणकारी अब लंदन के लोगों का प्रतिनिधि बनकर बैठा है. लंदन ब्रिटिश द्वीप समूह का हृदय है. श्वेतों के पुनरोत्थान के लिए इस आक्रमणकारी को यहां से हटाने से बेहतर और भला क्या हो सकता है?''
जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन और लंदन के मेयर सादिक खान का नाम भी हिटलिस्ट में था.
जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन और लंदन के मेयर सादिक खान का नाम भी हिटलिस्ट में था.

जानिए कौन है हमलावर? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मस्जिदों में फायरिंग के आरोपी बंदूकधारी ने 17 मिनट तक लाइव वीडियो बनाया. बंदूकधारी हमलावर की पहचान ब्रेंटन टैरंट के रूप में हुई है. 28 वर्षीय ब्रेंटन टैरंट ऑस्ट्रेलिया का रहने वाला है. लोगों ने बताया कि हमलवार ने पहले डीन एवेन्यू में अल नूर मस्जिद के पास अपनी कार पार्क की. फिर बंदूक निकाली. और मस्जिद में घुसते ही अंधाधुंध फायरिंग करने लगा. बताया जा रहा है कि वो आर्मी ड्रेस में था. उसने करीब दो मैगजीन फायरिंग की. उसकी गाड़ी में कई और हथियार पड़े हुए थे.
कैसे हुआ हमला? क्राइस्टचर्च शहर 15 मार्च की सुबह उस वक्त दहल उठा, जब यहां की दो मस्जिदों में एक बंदूकधारी ने फायरिंग कर दी. फायरिंग उस वक्त हुई, जब 300 से ज्यादा लोग यहां नमाज अदा करने के लिए आए थे. इस हमले में अब तक 49 लोगों की मौत हो चुकी है. चश्मदीदों ने बताया कि मस्जिद से अचानक चीखने- चिल्लाने की आवाज आने लगी. शूटर गोलियां दागते हुए मस्जिद में घुसा. मस्जिद के चारों तरफ जगह-जगह लाश और खून ही दिखाई दे रहा था.


वीडियो देखें: क्राइस्टचर्च के मस्जिद में आतंकी के गोली चलाते हुए Pewdiepie का ज़िक्र करने से क्या पता चला?

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