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हेल्थ के नाम पर रायता फैलाने वाले फिटनेस इंफ्लुएंसर्स को सरकार की ये नई गाइडलाइन बहुत चुभेगी!

इंटरनेट पर फिटनेस का ज्ञान देने से पहले एक काम करना जरूरी हो गया है.

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कोई भी सेलिब्रिटी या हेल्थ इंफ्लुएंसर सेहत को लेकर अगर कोई भी दावा करता है, तो उसे अपने कॉन्टेंट में डिस्क्लेमर देना होगा. (फोटो- इंडिया टुडे)

- फिट रहने के लिए हर दिन कैलोरी डेफिसिट रहे.
- फैट कम करने के लिए डेली कार्डियो करें.
- ज्यादा वर्क आउट ना करते हों तो बॉडी वेट का 80 फीसदी प्रोटीन लें.
- वर्क आउट करते हों तो बॉडी वेट का 150 फीसदी प्रोटीन लें…ब्ला ब्ला!

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ऐसे कई क्लेम आप इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस हाइपर इंफॉर्मेटिव दौर में रोजाना सुनते-देखते होंगे. रील्स और शॉर्ट्स में ऐसे कई दावे किए जाते हैं. दावा ठोकने वाले लोग अपने आप को फिटनेस इंफ्लुएंसर कहते हैं. लेकिन उनके द्वारा दी गई जानकारी में क्या क्रेडिबिलिटी है, इसको लेकर कई लोगों के मन में सवाल खड़े होते हैं. अब सरकार ने इससे जुड़ी कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं. अब कोई भी सेलिब्रिटी या हेल्थ इंफ्लुएंसर सेहत को लेकर अगर कोई भी दावा करता है, तो उसे अपने कॉन्टेंट में डिस्क्लेमर देना होगा.

अब हेल्थ इंफ्लुएंसर को ये बताना होगा कि वो हेल्थ एक्सपर्ट या मेडिकल प्रेक्टिशनर्स है या नहीं. कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्ट्मेंट ने भ्रामक विज्ञापन, निराधार दावों और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के मकसद से गाइडलाइंस जारी की हैं. ये गाइडलाइंस 9 जून 2022 को भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के संबंध में जारी की गई गाइडलाइंस का विस्तार हैं.

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क्या हैं गाइडलाइंस?

नई गाइडलाइंस के मुताबिक किसी प्रोडक्ट को प्रमोट करने या सर्विस या हेल्थ से संबंधित कोई भी दावा करते समय यह बताना होगा कि वो सर्टिफाइड मेडिकल प्रैक्टिशनर या हेल्थ एक्सपर्ट है. जानकारी देने वाले को साफ डिस्क्लेमर देना होगा ताकि यूजर्स उसकी सलाह को मेडिकल सलाह के तौर पर ना लें.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्रालय का कहना है कि ये डिस्क्लेमर उस समय जरूरी है, जब फूड आइटम और न्यूट्रास्यूटिकल्स से होने वाले फायदे, बीमारी की रोकथाम, इलाज, मेडिकल कंडीशन, जैसे टॉपिक पर बात की जाए. मंत्रालय का कहना है कि विज्ञापन, प्रचार या सेहत से संबंधित कोई भी दावा करने के दौरान डिस्क्लेमर जरूर होना चाहिए.

कुछ छूट भी दी गई हैं

मंत्रालय की गाइडलाइंस में जनरल वैलनेस और हेल्थ सलाह को लेकर छूट दी गई है. मसलन, 

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- पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें, 
- रोजाना कसरत करें और फिजिकली एक्टिव रहें, 
- स्क्रीन पर टाइम देना और ज्यादा देर तक बैठना कम करें, 
- पर्याप्त नींद लें, 
- जल्दी ठीक होने के लिए हल्दी वाला दूध पिएं, 
- नुकसानदायक यूवी किरणों से बचने के लिए रोजाना सनस्क्रीन लगाएं, बालों में तेल लगाने जैसी सलाह शामिल हैं.

ये सलाहें किसी प्रोडक्ट या सर्विस से जुड़ी नहीं हैं और ना ही किसी हेल्थ कंडीशन से जुड़ी हैं. ऐसे में इनको लेकर गाइडलाइंस में छूट दी गई है.

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