प्रधानमंत्री ने संसदीय दल, सेंट्रल कमिटी और पार्टी सचिवालय में अपना बहुमत खो दिया है. उन्होंने पार्टी में मौजूदा स्थिति का हल निकाले बिना आनन-फानन में संसद भंग करने का फ़ैसला लिया है.
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने संसद भंग करने की सिफारिश की
पड़ोसी मुल्क में खड़ा हुआ राजनीतिक संकट.
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नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने इमरजेंसी मीटिंग के बाद ये फैसला किया है.
(फोटो: एएफपी)
नेपाल में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने संसद भंग करने की सिफारिश की है. 20 दिसंबर, सुबह 10 बजे नेपाल के पीएम ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई. इसके बाद राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से संसद भंग करने की सिफ़ारिश कर दी. रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, नेपाल की सत्ताधारी वामपंथी पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य बिश्नु रिजाल ने बताया,
इससे पहले, पीएम ओली पर संवैधानिक परिषद अधिनियम से संबंधित एक अध्यादेश को वापस लेने का दबाव था, जिसे उन्होंने 15 दिसंबर को जारी किया था. राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने इसे एक घंटे के भीतर मंजूरी दे दी थी. अधिनियम उन्हें पूर्ण कोरम के बिना केवल तीन सदस्यों की उपस्थिति में बैठक बुलाने और निर्णय लेने का अधिकार देता है.
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