मियां नवाज अब लगता है, घिरते जा रहे हैं. अभी तक तो इंडिया उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर घेर रहा था आतंकवाद को लेकर. और अब घर के लोग ही उन्हें जेल में डलवाने की बातें कर रहे हैं. मुझे तो वो कहावत याद आ रही है 'धोबी का कुत्ता घर का, न घाट का.'राष्ट्रवाद का पूरा इंतजाम किया था मियां नवाज शरीफ ने. बुरहान को हीरो बताया. कश्मीरियों को बरगलाने के लिए कहा, इंडियन आर्मी जुल्म कर रही है. और जब बलूचिस्तान की कहानी सामने आई तो मियां की बत्ती गुल हो गई. पाकिस्तानियों को अपने यकीन में लेने के लिए संसद का जॉइंट सेशन भी बुला लिया. ताकि सारी पार्टियों को राष्ट्रवाद की बहस में झोंक सकें. ये सब पता है उन्होंने क्यों किया. हम क्या बताएं, खुद ही पाकिस्तान के इन लीडर की जबानी सुन लो.
जब संसद का जॉइंट सेशन बुलाया गया तो तहरीक-ए-इंसाफ के चीफ इमरान खान ने उसका बायकॉट कर दिया. बोल दिया जी ये तो सब ढोंग है. इससे पहले हुई मीटिंग में क्या निकला. कश्मीर, कश्मीर करके नवाज शरीफ लोगों का ध्यान अपने से हटा रहे हैं. क्योंकि वो मनी लॉन्डरिंग और पनामा लीक्स में फंस चुके हैं. और जब संसद का सेशन हो गया तो इमरान खान ने तो फिर से ट्वीट करके पूछ लिया जी क्या निकला इस सेशन से. कहने का मतलब साफ़ था कि नवाज टाएं-टाएं फिस्स. जब इमरान खान ने ये सब कहा तो कुछ लोगों ने उनकी खिंचाई की कि वो सत्ता के भूखे हैं. उन्हें देश नहीं दिखाई दे रहा.

लेकिन संसद के जॉइंट सेशन में शामिल हुए पाकिस्तान पीपल पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने तो भंडाफोड़ ही कर दिया. बाहर निकलने के बाद बिलावल ने कहा कि हम कश्मीर की पॉलिसी पर सियासत नहीं करते. नवाज शरीफ कश्मीर को भुनाना चाहते हैं. वो कश्मीर के बहाने पनामा पेपर्स लीक और अपने करप्शन को छिपाना चाहते हैं. हमारी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी. हमारी हुकुमत आयगी तो पनामा इशू में नवाज शरीफ जेल में होंगे.

बिलावल भुट्टो ने तो बोल दिया पनामा पेपर्स लीक मामले में जेल भेजेंगे. कश्मीर के बहाने उसको छिपा रहे हैं.
पनामा पेपर्स लीक के जरिये खुलासा हुआ था कि प्रधानमंत्री शरीफ के दो बेटों और एक बेटी ने विदेश में खाते खोले और कंपनियां बनाई हैं. इसके अलावा नवाज शरीफ पर पाक सरकार के एक हजार करोड़ रुपये के हेर-फेर करने का भी आरोप है और शरीफ फैमिली की कुल जायदाद चार हजार करोड़ रुपये है. बताया जाता है कि नवाज ने गलत तरीके से ये रकम जुटाई थी. पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में भी उनकी गैर कानूनी प्रॉपर्टी है.














