पाकिस्तान जो है, उसकी हालत है खराब. इधर से सर्जिकल स्ट्राइक का भूत उनको दबोच लिया है. सार्क सम्मेलन में छीछालेदर हो गई. दुनिया में मिट्टी पलीत हुई पड़ी है. अब वहां के पीएम नवाज शरीफ को खतरा जान पड़ा है. इसीलिए बहुत हाई लेवल की मीटिंग बुलाई. अपनी फौज को
कर्रे से समझा दिया कि देखो, जो बैन हो रखे मिलिटैंट ग्रुप हैं, उनका साथ देना बंद कर दो
चुप्पे. नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी की भी क्लास ली.
कहिन हैं कि पठानकोट और 26/11 अटैक की जांच जल्दी से जल्दी पूरी कर दो.
वहां के अखबार डॉन ने ये खबर छापी है. कि मंडे को मीटिंग बुलाई गई थी. उस मीटिंग में जो लोग गए थे उनसे बात हुई थी अखबार की. वही जिनको आप और हम सूत्र कहते हैं. जब नाम नहीं छापना होता, अंदर की बात होती है तो उसे सूत्र कहा जाता है. तो उन सूत्रों ने मीटिंग में निकले इन फैसलों के बारे में बताया.
मीटिंग में करने का आदेश मिला है कि ISI के डायरेक्टर जनरल रिजवान अख्तर सत्तू राशन बांध लें. नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर नासिर जंजुआ भी. ये सारे स्टेट्स का दौरा करेंगे और मिलिटैंट ग्रुप्स की कायदे से जांच हो, इसका जुगाड़ करेंगे. और लोकल खुफिया एजेंसी जो हर साल नई उग आती हैं, वो इसमें लंगड़ी नहीं मारेंगी. रावलपिंडी की कोर्ट में मुंबई अटैक की सुनवाई टली पड़ी है. वो फिर से शुरू होगी. लेकिन वो करें कुछ भी, मानने को तैयार नहीं होते. अब उनके विदेश मंत्रालय के स्पोक्स पर्सन नफीस जकारिया की सुन लो. वो
कहिन हैं कि ऐसा कुछ नहीं हुआ. ये जो अखबार है ये अपनी मर्जी से कहानी बनाके छाप
दिहिस है. इसके फैक्ट्स में कोई दम है नहीं.
लेकिन सबसे बड़ी बात पता क्या है? पाकिस्तान में आर्मी की औकात प्रधानमंत्री से ज्यादा है. काफी वक्त से शरीफ डुओ अर्थात नवाज और जनरल राहील में खींचतान की कनफुस्की इधर आ रही है. गुप्त वाली बात मानो तो पाकिस्तानी नवाज से ज्यादा राहील का स्टेटस लाइक करने लगे हैं. तो नवाज शरीफ की धमकाइयां चमकाइयां कितनी कारगर होंगी, ये तो आगे पता चलेगा.
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