ऐसे दौर में दो भारतीय सिनेमा के फिल्म फेस्टिवल दिल्ली के लोगों के तारणहार हैं. इनमें पहला है डाइरेक्टरेट अॉफ फिल्म फेस्टिवल्स का सीरिफोर्ट अॉडिटोरियम में होने वाला नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्मों का फिल्म समारोह. इस साल इसकी तारीखें 4 मई से 17 मई है. यहां अाप बाज़ीराव मस्तानी से लेकर मसान तक अौर तनु वेड्स मनु रिटर्न्स के लेकर बजरंगी भाईजान तक बड़ी सिनेमास्क्रीन पर देख सकते हैं. स्क्रीनिंग्स में एंट्री फ्री है लेकिन अॉडी में सीट के अनुसार नंबर सीमित होते हैं. सीट 'पहले आअो पहले पाअो' के मुताबिक मिलेगी, अौर सिरिफोर्ट में एंट्री के लिए एक आई डी प्रूफ होना चाहिए.
इसके साथ इस रविवार से ही 11वां हैबिटैट फिल्म फेस्टिवल भी शुरू हो रहा है. तारीखें रहेंगी 7 से 15 मई. फेस्टिवल में इस बार हिन्दी सिनेमा की डांसिंग क्वीन एक्ट्रेस हेलन को ट्रिब्यूट दिया जा रहा है अौर उनकी हावड़ा ब्रिज जैसी कुछ चुनिंदा फिल्में दिखाई जायेंगी.
हिन्दुस्तान का विविधरंगी, विविधभाषी सिनेमा इन फेस्टिवल्स में दिखाई देता है. ये समारोह खास हैं. क्योंकि इनमें विश्व सिनेमा भले ना हो, लेिकन यहां आप हिन्दुस्तान की वे कमाल फिल्में देख सकते हैं जो दिल्ली के सिनेमाघरों में कभी रिलीज नहीं होतीं. इसके साथ वो सफल फिल्में जिन्हें बीते साल दर्शकों का भरपूर प्यार मिला, एक बार फिर सिनेमाहाल के बड़े परदे पर देखी जा सकती हैं.आपके बेहतर चुनाव के लिए हमारी अोर से कुछ रिकमंडेशंस ये रहीं −
नेशनल फिल्म अवार्ड फेस्टिवल, सिरिफोर्ट, अॉडिटोरियम 2 में देख सकते हैं −
विसारनई, तमिल, 9 मई, 6 बजे शामकट्यार कालजात घुसली, मराठी, 14 मई, 2:30 दोपहर
दम लगा के हइशा, हिन्दी, 14 मई, 2:30 दोपहर
सैराट, मराठी, 16 मई, 2:30 दोपहर
तिथि, कन्नड़, 17 मई, 11 बजे सुबह
फेस्टिवल का पूरा शेड्यूल यहां −

फिल्म स्क्रीनिंग शेड्यूल
अौर रविवार से शुरु हो रहे हैबिटैट फिल्म फेस्टिवल के लिए कुछ चुनिंदा रिकमंडेशन यहां. लेकिन याद रखिएगा, अपनी पसन्द की फिल्म देखने के लिए एडवांस में हैबिटैट डेस्क से स्क्रीनिंग का पास कलेक्ट करना होगा.
अलीगढ़, हिन्दी, 9 मई, सोमवार 8:30 शाम
चौथी कूट, पंजाबी, 10 मई, मंगलवार, 6:30 शाम
कोथानोदी, असमिया, 12 मई, गुरुवार, 6:30 शाम
राजकहानी, बांग्ला, रविवार, 15 मई, 6 बजे शाम
एंग्री इंडियन गॉडेसेस, हिन्दी, रविवार, 15 मई, 9 बजे रात
नेशनल अवार्ड जीती साल की चंद बेस्ट फिल्मों के बारे में यहां पढ़ें : इंडिया की वो पांच बेस्टमबेस्ट फिल्में, जो आपको देखनी ही चाहिए


















