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राम मंदिर को जमीन बेचकर दिए थे 1 करोड़, अब बोले- 'पछतावा हो रहा'

उमरवैश्य ने कहा कि उन्होंने तो ये सोचकर जमीन बेची थी कि जो है वो हमारे राम के काम आएगा. जिंदगी का कोई ठिकाना नहीं है.

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सियाराम ने मंदिर को एक करोड़ दान किए थे (PHOTO-X)

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  • सियाराम उमरवैश्य ने 2018 में राम मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये चंदा दिया था और इस फैसले को लेकर उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
  • सियाराम ने अपनी जमीन बेचकर चंदा दिया था, लेकिन चढ़ावे की चोरी के आरोपों के कारण उन्होंने अब अपने फैसले पर पछतावा व्यक्त किया है।
  • चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद सियाराम उमरवैश्य की प्रतिबद्धता और उनकी प्रतिक्रिया सामाजिक विवाद और चर्चाओं को जन्म दे रही है।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक व्यक्ति रहते हैं. नाम है सियाराम उमरवैश्य. सियाराम ने 2018 में राम मंदिर के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये का चंदा दिया था. पहली बार वो 2018 में तभी चर्चा में आए थे, जब उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये दान करने की घोषणा की थी. लेकिन अब चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच एक बार फिर से उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में वो कह रहे हैं कि उन्होंने राम का मंदिर बन रहा है, ये सोच कर अपनी जमीन बेचकर दान दिया था. लेकिन अब अफसोस हो रहा है. 

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उमरवैश्य ने कहा कि उन्होंने तो ये सोचकर जमीन बेची थी कि जो है वो हमारे राम के काम आएगा. जिंदगी का कोई ठिकाना नहीं है. उन्होंने आगे कहा, 

75 साल का हो गया हूं. जमीन हमने अपने और बच्चों के लिए रखी थी. उसे बेचकर पैसा मिला था 1 करोड़ रुपये. हमने वो पैसा दे दिया. लेकिन अब जब ये सब सुन रहा हूं तो बड़ा दुख होता है कि सब पैसा लोगों ने इधर-उधर कर दिया. लोग हमसे कह रहे थे कि मत दो पैसा लेकिन हमने कहा कि वो बड़े अच्छे लोग हैं. लेकिन अब जो सुन रहा हूं. उससे बड़ा दुख हो रहा है.

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अब हो रहा अफसोस

कुछ समय पहले तक अगर कोई सियाराम से इस बारे में पूछता तो वो कहते थे कि राम मंदिर निर्माण देखना उनके जीवन की सबसे बड़ी इच्छा थी. लेकिन ये सब (चढ़ावा चोरी की खबरें) देख कर अब उनका रुख बदल गया है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने इस फैसले पर पछतावा हो रहा है. हालांकि उन्होंने इसके पीछे का कोई पुख्ता कारण नहीं बताया. कई लोगों ने 2018 में उनके सामने आशंका जताई थी कि अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंदिर के पक्ष में नहीं आया तो उनका दान बेकार जा सकता है, लेकिन सियाराम ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि राम मंदिर बनेगा और फैसला उनके पक्ष में ही आएगा.

वीडियो: पड़ताल: राम मंदिर दान केस से जुड़े सीसीटीवी फुटेज से क्या पता चला?

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