हां, मैंने कांग्रेस को सलाह दी थी. कांग्रेस कहना ज्यादा बेहतर होगा.आपके राजनीति में आने को लेकर खबरें आती रहती हैं? इसके जवाब में राजन ने कहा-
सबसे पहले, मेरी पत्नी ने कहा है कि अगर मैं राजनीति में जाता हूं तो वह मेरे साथ नहीं रहेंगी. (मुस्कुराते हुए)राजनीति पर उन्होंने कहा-
हर जगह की राजनीति एक जैसी ही है. मेरा इससे कुछ ख़ास लगाव भी नहीं है. कोई और भाषण देकर वोट हासिल कर सकता है.ऐसा कहा जा रहा है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो आप मंत्री बनेंगे? इस सवाल पर उन्होंने ये जवाब दिया-
यह बहुत दूर की बात है. दुर्भाग्य से मैंने जिस तरह के काम यहां किए हैं, उससे लोगों को एक उम्मीद बनती है कि मेरा काम सार्वजनिक जीवन में ही हो. पर ऐसा नहीं है. मेरा कामकाज अकादमिक ही है. मुझे नौकरी करना ही पसंद है. हाल ही में मैंने एक किताब "थर्ड पिलर" लिखी है, जो विवादों से ज्यादा बौद्धिक है. इसलिए इन सबको देखते हुए मैं कह सकता हूं कि मैं बेहद खुश हूं.लेकिन यदि कोई पब्लिक पोस्ट ऑफर करे तो क्या आप इस बारे में सोचेंगे?
यह सवाल ऐसा है कि शीबा का राजा कौन बनेगा? जब मैंने इस्तीफा दिया था तो मैंने कहा था- इस्तीफा गलत शब्द है. जब भारतीय रिजर्व बैंक में मेरा कार्यकाल समाप्त हुआ तो मैंने कहा था कि अगर मेरे लायक कुछ हो तो मैं उसे हमेशा पूरा करना चाहूंगा.एक और काल्पनिक सवाल. यदि रघुराम राजन कोई पार्टी बनाते हैं तो उनकी पार्टी के मेनिफेस्टो में किन चीजों पर फोकस रहेगा?
इस जवाब बहुत आसान है. मैं कोई पार्टी नहीं बनाउंगा. आपको मेरे व्यूज पता हैं. बात यह है कि मुझे राजनीति में कोई इंटरेस्ट नहीं है. बिलकुल नहीं.
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