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आदमी का पुल से गिरना सरकार के हाथों हुआ क़त्ल नहीं है?

आज का क़त्ल: विचलित करने वाली कहानियां.

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फोटो - thelallantop
1. वक़्त था नए साल का. एक लड़के ने अपनी गर्लफ्रेंड पूजा को प्यार भरा ग्रीटिंग कार्ड भेजा. कार्ड लड़की के भाई के हाथ लग गया. और भाई ने प्रेमी को चाकू घोंप-घोंपकर मार डाला. बिहार के सारण के बनियापुर में हुआ ये. गांव का नाम था कराह. और ग्रीटिंग कार्ड भेजने वाले का नाम श्यामदेव. लड़के के घरवाले कहते हैं कि लड़के पर लव मैसेज लिखने का आरोप गलत है. उसने कभी लिखा ही नहीं. पूजा के घर वाले कह रहे हैं कि ग्रीटिंग पूजा के लिए था ही नहीं. ये तो लड़के ने किसी और लड़की को लिखकर दिया था. जिसे उस लड़की ने पूजा को रखने के लिए दे दिया. पूजा के पास कार्ड देखकर उसके घर वाले सुलग गए. और जब तक परिवार कुछ समझ पाता, उसके भाई ने श्यामदेव को मार डाला. कितनी विचलित करने वाली बात है ये कि लड़के की मौत के बाद भी दोनों पक्ष के लोग ये साबित करने में लगे हैं कि हमारे लड़के/लड़की को प्रेम नहीं था. अरे प्रेम होता भी, तो कौन सा गुनाह था. कौन सी किसी की इज्जत चली जाती. लेकिन इज्जत के इस खेल में जान चली गई. अचरज होता है कि ग्रीटिंग कार्ड भेजने पर कोई किसी का क़त्ल कैसे कर सकता है. फिर याद आता है कि हम वही देश हैं, जहां आए दिन ऑनर किलिंग होती है. 2. सरकारें सड़कों की खाती हैं. कहते हैं जो सरकार ज्यादा सड़कें बनवाए वो अच्छी सरकार होती है. और अगर इन सड़कों को बनाने के काम में इतनी लापरवाही हो कि जान चली जाए, तो? संडे की रात को मेरठ रोड तिराहे पर बन रहे फ्लाईओवर (ग्रेड सेपरेटर) से गिरकर दीपक की मौत हो गई. दीपक नए साल को मनाने दादरी में अपनी ससुराल से वापस आ रहा था. नए बन रहे फ्लाईओवर के बारे में उसे पता नहीं था. और सड़क पर किसी भी तरह का साइन या ब्रेकर नहीं लगा था. नए साल पर एक पत्नी ने अपना पति खोया. बच्चों ने अपना बाप खोया. इस एक्सीडेंट को हम सरकार के हाथों किया हुआ मर्डर न समझें तो क्या समझें? 3.  इराक की राजधानी बगदाद में रोज का फल-सब्जियों का बाजार लगा था. एक आदमी दिहाड़ी मजदूरों की भर्ती के लिए आया. भर्ती के लालच में कई मजदूर आकर इकठ्ठा हो गए. और तभी धमाका हुआ. अगले ही पल 36 लोग फल और सब्जियों के बीच चीथड़ों की तरह पड़े हुए थे. इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है. 36 लोगों की जान लेने और 52 लोगों को घायल करने की जिम्मेदारी IS ने ली है. पिछले तीन दिनों में बगदाद और उसके आस पास ये तीसरा हमला है. सबकी जिम्मेदारी IS ने ली है. कितना गर्व होता है न, जानें लेकर, दहशत फैला कर, धर्म के नाम पर लोगों में हिंसा के बीज बोकर उसकी जिम्मेदारी लेना?

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