
मुंबई में भगदड़ के कई एंगल सामने आए थे पर पुलिस ने फूल वाला एंगल दिया है.
अब एक और एंगल निकलकर आया है. दरअसल जिस वक्त ये हादसा हुआ, बहुत तेज बारिश हो रही थी. हर चार मिनट में एक नई ट्रेन आ रही थी और फुटओवर ब्रिज पर लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही थी. मामला एकदम पैक था. इसी बीच एक फूल वाले ने कहा- फूल गिर गया. समझने वालों ने इसे समझा- पुल गिर गया. बस इसी में खेल हो गया. इस बीच ब्रिज के जीने पर एक लड़की का पैर फिसला तो और हल्ला मच गया- पुल गिर गया. पुल गिर गया. फिर क्या था- लोग अपनी जान बचाने के चक्कर में 23 की जान ले बैठे. नौ मिनट के अंदर पुल पर लाशों का ढेर लग गया. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, ये बात पुलिस की जांच में सामने आई है.
'छेड़छाड़ नहीं, लड़की की मदद कर रहा था युवक'
Changing British era names from #Elphinstone
— Uday Tharar (@udaytharar) September 29, 2017
Station to #Prabhadevi
Station gets votes but doesn't save lives. Building better bridges does. pic.twitter.com/1S5ihOFHoq
हादसे का शिकार हुई एक लड़की से छेड़छाड़ की बात भी पुलिस की जांच में गलत निकली है. दरअसल, एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि भगदड़ के दौरान एक लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई. कहा गया कि एक युवक पुल पर फंसी लड़की के साथ छेड़छाड़ कर रहा था. जबकि पुलिस ने जांच में पाया कि युवक उस लड़की को बचाने की कोशिश कर रहा था. लड़की को छेड़ने जैसी उसकी कोई मंशा नहीं थी.
तीन पीआईएल दाखिल, अातंकी कनेक्शन की आशंका
मुंबईकर इस हादसे को कोर्ट की दहलीज़ पर भी ले गए हैं. पहली पीआईएल तो हादसे के कुछ घंटे बाद ही डाल दी गई थी. याची प्रदीप भालेकर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में रेलवे के उन जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की है, जिन्होंने लगातार चेतावनियों के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया. इन्होंने कोर्ट से मामले की न्यायिक जांच की भी मांग की है. एक और पीआईएल में मामले की जांच एनआईए से करवाने की मांग की गई है. परफ्यूम व्यापारी फैजल बनारसवाला और अब्दुल कुरैशी ने इसमें आतंकी कनेक्शन होने की बात कही है. बनारसवाला ने कहा कि मौके पर जिस तरह शॉर्ट सर्किट की अफवाह उड़ाई गई, ये आतंकी साजिश भी हो सकती है. इस मामले में सुनवाई पांच अक्टूबर को होगी.

पुल पर सीसीटीवी न होने से पुलिस को हादसे का क्लियर वीडियो नहीं मिला है.
वहीं हादसे के बाद रेलवे के खून में भी शायद थोड़ा उबाल आ गया है. 13 सेफ्टी ऑडिट टीमें बनाई गई हैं, जो घूम-घूमकर मुंबई के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं. भीड़-भाड़ वाले स्टेशनों पर क्या कमी है और क्या व्यवस्था होनी चाहिए, टीम इस पर रिपोर्ट तैयार कर रही है. जल्द ही इसकी सिफारिशों पर अमल करने की बात कही जा रही है.
वीडियो देखें-
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